उत्तराखंड की मंत्री रेखा आर्य पर पति गिरधारी लाल ने 210 करोड़ की अवैध संपत्ति का आरोप लगाया। ऑडियो को AI निर्मित बताकर सीएम धामी से जांच की मांग की है।
देहरादून (16 अक्टूबर) : उत्तराखंड सरकार में कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य और उनके पति गिरधारी लाल साहू के बीच का विवाद अब घरेलू दायरे से बाहर निकलकर 210 करोड़ रुपये की कथित संपत्ति और आधुनिक तकनीक के दुरुपयोग की एक बड़ी कानूनी व सियासी लड़ाई में तब्दील हो गया है। देहरादून के कैंट थाने में मंत्री द्वारा अपने पति के खिलाफ मारपीट, जालसाजी और जान से मारने की साजिश की गंभीर तहरीर दिए जाने के ठीक 24 घंटे बाद साहू ने एक वीडियो जारी कर पलटवार किया है।
साहू ने मंत्री की ओर से साक्ष्य के तौर पर पेश की गई ऑडियो रिकॉर्डिंग को ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI)’ के जरिए तैयार किया गया फर्जी टेप करार दिया है। साथ ही, उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से महिला एवं बाल विकास विभाग में पोषण आहार से जुड़े कथित भ्रष्टाचार और मंत्री की बेहिसाब संपत्ति की निष्पक्ष एजेंसी से जांच कराने की मांग उठाकर राज्य की राजनीति में भूचाल ला दिया है।
ऑडियो को AI निर्मित बताकर उठाए गंभीर सवाल
गिरधारी लाल साहू ने वीडियो जारी करते हुए दावा किया कि जिस कथित ऑडियो के आधार पर उन पर संगीन आरोप लगाए जा रहे हैं, वह पूरी तरह मनगढ़ंत है और आधुनिक एआई तकनीक का इस्तेमाल कर उनकी आवाज की नकल (क्लोनिंग) की गई है। उन्होंने कहा कि इस फर्जी ऑडियो के जरिए उनकी सामाजिक छवि को धूमिल करने और कानूनी शिकंजे में फंसाने की साजिश रची जा रही है।
साहू का कहना है कि प्रशासन और पुलिस को कोई भी कदम उठाने से पहले इस ऑडियो की उच्च स्तरीय तकनीकी जांच करानी चाहिए ताकि सच सामने आ सके। उन्होंने कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य से अपने आरोपों पर पुनर्विचार करने और शिकायत वापस लेने का आग्रह भी किया। साहू ने अपने पुराने संबंधों का हवाला देते हुए दावा किया कि उन्होंने रेखा आर्य के शुरुआती राजनीतिक सफर से लेकर उन्हें आगे बढ़ाने में वर्षों तक जमीन पर पसीना बहाया है, लेकिन अब उन्हीं को साजिश का शिकार बनाया जा रहा है।
कैंट थाने की एफआईआर और 210 करोड़ का आरोप
इस विवाद ने तूल तब पकड़ा जब 15 अक्टूबर को कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य ने देहरादून के कैंट थाने में पति गिरधारी लाल साहू के खिलाफ नामजद शिकायत दर्ज कराई थी। मंत्री ने अपनी तहरीर में पति पर लंबे समय से मानसिक व शारीरिक उत्पीड़न, मारपीट, धोखाधड़ी और जान से मारने का षड्यंत्र रचने के आरोप लगाते हुए एक ऑडियो रिकॉर्डिंग पुलिस को सौंपी थी। इस कानूनी कार्रवाई के बाद गिरधारी लाल साहू ने मंत्री पर तीखा वित्तीय हमला बोला। साहू ने दावा किया कि रेखा आर्य के पास लगभग 210 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति है।
उन्होंने महिला एवं बाल विकास विभाग के कामकाज का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि बच्चों को बांटे जाने वाले पोषण आहार और राशन से जुड़ी योजनाओं में बड़े स्तर पर अनियमितताएं हुई हैं। साहू का कहना है कि उन्होंने इन कथित घोटालों को लेकर पहले भी आवाज उठाई थी और मुख्यमंत्री से भी शिकायत की थी।
सीएम से निष्पक्ष जांच की मांग
विवाद के सियासी रूप अख्तियार करने के बाद अब सबकी नजरें मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और देहरादून पुलिस के अगले कदम पर टिकी हैं। साहू ने मुख्यमंत्री से अपील की है कि इस पूरे मामले को किसी भी स्वतंत्र जांच एजेंसी के सुपुर्द किया जाए ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके। दूसरी तरफ, कैंट थाना पुलिस मंत्री द्वारा दी गई तहरीर और पेश किए गए साक्ष्यों का परीक्षण कर रही है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, ऑडियो टेप की सत्यता जांचने के लिए उसे फॉरेंसिक और साइबर लैब भेजा जा सकता है, जिससे यह साफ हो सके कि रिकॉर्डिंग मूल है या किसी एआई टूल के जरिए तैयार की गई है। एक कैबिनेट मंत्री और उनके पति के बीच छिड़ी इस जुबानी और कानूनी जंग ने उत्तराखंड के प्रशासनिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है।









