उत्तराखंड सचिवालय में आयुष विभाग की महिला अधिकारी से नशे में धुत उपनल कर्मी द्वारा बदसलूकी और धमकी देने का मामला सामने आया है। पुलिस जांच जारी है।
देहरादून (22 अक्टूबर) : उत्तराखंड के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले राज्य सचिवालय परिसर के भीतर एक महिला अधिकारी के साथ सनसनीखेज अभद्रता और धमकी का मामला सामने आया है। आयुष एवं आयुष शिक्षा विभाग में तैनात एक महिला अनुभाग अधिकारी ने सहकारिता विभाग में तैनात एक उपनल कर्मचारी पर पीछा करने, फेसबुक व फोन पर प्रताड़ित करने और दफ्तर में घुसकर गाली-गलौज करने का गंभीर आरोप लगाया है। घटना के बाद से सचिवालय कर्मचारियों में भारी आक्रोश है और पुलिस ने मामले में मुकदमा दर्ज कर आरोपी की तलाश तेज कर दी है।
ब्लॉक करने पर भड़का, दफ्तर में घुसा
महिला अधिकारी ने पुलिस को दी गई शिकायत में बताया है कि आरोपी उपनल कर्मचारी कुछ दिनों से लगातार उन्हें सोशल मीडिया और फोन के जरिए परेशान कर रहा था। जब महिला अधिकारी ने उसकी हरकतों से तंग आकर उसे फेसबुक और अपने मोबाइल नंबर पर ब्लॉक कर दिया, तो आरोपी का दुस्साहस और बढ़ गया।
आरोप है कि 16 अक्टूबर को आरोपी अत्यधिक नशे की हालत में सीधे आयुष एवं आयुष शिक्षा विभाग के कार्यालय जा पहुंचा। वहां उसने महिला अधिकारी के साथ न सिर्फ अभद्र व्यवहार किया, बल्कि अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करते हुए जान से मारने की धमकी भी दी।
सचिवालय संघ ने पकड़ा, हुई पिटाई
कार्यालय के भीतर अचानक हुए इस हाईवोल्टेज ड्रामे और हंगामे से वहां अफरा-तफरी मच गई। जब सहकर्मियों ने आरोपी को रोकने की कोशिश की, तो वह मौके से भागने लगा। हालांकि, सचिवालय परिसर से भागने के दौरान सचिवालय संघ के अध्यक्ष दीपक जोशी और अन्य लोगों ने उसे धर दबोचा। गुस्साई भीड़ ने मौके पर उसकी पिटाई भी की। पीड़िता ने यह भी शिकायत की है कि आरोपी कई दिनों से उनका पीछा कर रहा था, जिससे वह अपनी सुरक्षा को लेकर बेहद डरी हुई हैं। घटना के बाद आरोपी को उसकी सचिवालय की तैनाती से तत्काल हटा दिया गया है।
पुलिस ने दर्ज किया गंभीर धाराओं में केस
मामले की गंभीरता को देखते हुए नगर कोतवाली पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की है। नगर कोतवाली प्रभारी कैलाश चंद्र भट्ट ने बताया कि पीड़िता की शिकायत के आधार पर आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 351(2), 352, 78 और 79 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब सचिवालय परिसर और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है तथा आरोपी की धरपकड़ के लिए दबिश दी जा रही है। इस घटना ने सरकारी कार्यालयों में महिला कर्मचारियों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।









