मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण ने आवासीय क्षेत्रों में अवैध निर्माण और कमर्शियल गतिविधियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए छह स्थानों पर सीलिंग की।
देहरादून (22 अक्टूबर) : मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने राजधानी में अनियोजित निर्माण और नियमों की धज्जियां उड़ाने वालों के खिलाफ बड़ा शिकंजा कसते हुए छह प्रमुख स्थानों पर ताबड़तोड़ सीलिंग की कार्रवाई को अंजाम दिया है। इस अभियान का मुख्य केंद्र आवासीय कॉलोनियों के भीतर धड़ल्ले से चल रहीं अवैध व्यावसायिक गतिविधियां और बिना स्वीकृत मानचित्र के खड़े किए जा रहे भवन रहे, जिससे भूमाफियाओं और अवैध निर्माणकर्ताओं में हड़कंप मच गया है।
आवासीय जोन में बिना नक्शे के व्यावसायिक निर्माण पर प्रहार
प्राधिकरण की विशेष प्रवर्तन टीमों ने पुलिस बल की मौजूदगी में हरभजवाला, मेहुवाला माफी, चंद्रमणी रोड और राजपुर रोड जैसे प्रमुख इलाकों में औचक निरीक्षण कर यह सख्त कार्रवाई की। हरभजवाला में अशरफ अली द्वारा बिना किसी अनुमति या स्वीकृत मानचित्र के छह दुकानों का अवैध निर्माण किया जा रहा था, जिसे टीम ने मौके पर ही सील कर दिया। इसी तरह, मेहुवाला माफी और शिमला बाईपास रोड क्षेत्र में शाहिद राव तथा फईयाज राव द्वारा किए जा रहे अनधिकृत निर्माणों पर भी प्राधिकरण का हंटर चला। अधिकारियों के मुताबिक, आवासीय परिसरों का कमर्शियल इस्तेमाल किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
नियमों की अनदेखी और पहले दी गई चेतावनियों का असर
यह कार्रवाई दर्शाती है कि एमडीडीए अब केवल नोटिस जारी करने तक सीमित नहीं है, बल्कि धरातल पर कड़े कदम उठाने के मूड में है। चंद्रमणी रोड पर पूजा विहार के पास ललित कश्यप और राजपुर रोड पर साई मंदिर के निकट अमित गर्ग द्वारा बिना नक्शा स्वीकृति के निर्माण कार्य जारी रखे गए थे। प्राधिकरण के नियमों के अनुसार, भवन निर्माण से पहले वैधानिक स्वीकृतियां लेना अनिवार्य है ताकि भविष्य में क्षेत्र की नियोजित व्यवस्था, जल निकासी और भूमि उपयोग पर बुरा असर न पड़े। बार-बार मिल रही शिकायतों और नियमों के उल्लंघन को देखते हुए प्रशासन ने यह सख्त रुख अपनाया है।
एमडीडीए की दो टूक: शहर के सुनियोजित विकास से समझौता नहीं
कार्रवाई के दौरान एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी और सचिव मोहन सिंह बर्निया ने स्पष्ट किया है कि देहरादून के व्यवस्थित विकास और नागरिक सुविधाओं के संरक्षण के लिए यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। प्राधिकरण ने साफ चेतावनी दी है कि बिना अनुमति निर्माण करने वालों के खिलाफ सीलिंग के साथ-साथ अन्य कठोर विधिक कदम उठाए जाएंगे। प्रशासन ने शहरवासियों से अपील की है कि वे किसी भी तरह का निर्माण शुरू करने से पहले वैध मानचित्र जरूर पास करवाएं ताकि इस तरह की दंडात्मक कार्रवाई से बचा जा सके।









