भाजपा नेता खजान दास ने कांग्रेस की न्याय यात्रा को ‘अन्याय यात्रा’ करार दिया। विधायक प्रीतम सिंह के भाई के वायरल ऑडियो और 4 अलग रूटों पर तीखे सवाल दागे।
देहरादून (23 अक्टूबर) : उत्तराखंड कांग्रेस की चार अलग-अलग स्थानों से शुरू हुई ‘न्याय यात्रा’ पर भारतीय जनता पार्टी ने तीखा हमला बोला है। कैबिनेट मंत्री खजान दास ने इस अभियान को ‘अन्याय यात्रा’ करार देते हुए आरोप लगाया कि यह जनता के सरोकारों की लड़ाई नहीं, बल्कि लगातार चुनावी हार से हताश कांग्रेस का अपनी सियासी जमीन बचाने का प्रयास है। साथ ही भाजपा ने कांग्रेस विधायक प्रीतम सिंह के भाई से जुड़े कथित वायरल ऑडियो का मामला उठाते हुए संगठन के भीतर पारदर्शिता और जवाबदेही पर सीधे सवाल खड़े कर दिए हैं।
चार अलग रूटों से खुली कांग्रेस की गुटबाजी
देहरादून में बयान जारी करते हुए खजान दास ने कहा कि कांग्रेस ने राज्य भर में एक साथ चार अलग-अलग स्थानों से यात्रा शुरू की है। यह साफ दर्शाता है कि पार्टी के पास कोई साझा एजेंडा नहीं है, बल्कि अलग-अलग छत्रप अपने निजी राजनीतिक प्रभाव को चमकाने में लगे हैं। उन्होंने कहा कि जो दल अपने आंतरिक नेतृत्व और अंतर्कलह को नहीं संभाल पा रहा, वह राज्य की जनता को क्या दिशा देगा। भाजपा नेता के अनुसार यात्रा का नाम बदल देने से पार्टी की नीयत और पुराने कारनामे नहीं छिप सकते।
प्रीतम सिंह के भाई का ऑडियो बना बड़ा मुद्दा
प्रेस बयान में सबसे तीखा रुख कांग्रेस विधायक प्रीतम सिंह के भाई से जुड़े कथित वायरल ऑडियो को लेकर दिखा। खजान दास ने कहा कि जब मामला सार्वजनिक पटल पर आ चुका है, तो ऑडियो की प्रामाणिकता और संदर्भ पर कांग्रेस को चुप्पी तोड़नी चाहिए। उन्होंने दो टूक कहा कि बिना पुष्टि के अंतिम निष्कर्ष निकालना ठीक नहीं, लेकिन जब तथ्य उठ रहे हैं तो जवाबदेही तय होनी जरूरी है। भाजपा ने पूछा कि जो पार्टी विरोधियों से नैतिकता मांगती है, क्या वह अपने नेताओं के मामले में भी वही पैमाना अपनाएगी।
भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता पर पार्टी को घेरा
युवाओं और सरकारी भर्ती परीक्षाओं की निष्पक्षता के मुद्दे पर भी भाजपा ने कांग्रेस को उसके पुराने शासनकाल की याद दिलाई। खजान दास ने कहा कि कांग्रेस आज बेरोजगार युवाओं के नाम पर राजनीति चमकाने की कोशिश कर रही है, लेकिन अपने कार्यकाल में हुए घपलों और अनियमितताओं पर उसके पास कोई जवाब नहीं है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की जनता केवल खोखले नारों के झांसे में नहीं आने वाली और आगामी दिनों में विपक्ष को आरोपों के बदले ठोस जवाब देने होंगे।









