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MDDA का बड़ा एक्शन: शिमला बाईपास और पौंधा में 50 बीघा अवैध प्लॉटिंग ध्वस्त और सील

देहरादून में एमडीडीए ने अवैध प्लॉटिंग और निर्माण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। शिमला बाईपास और पौंधा में 50 बीघा जमीन सील व ध्वस्त की गई।

देहरादून (24 अक्टूबर) : राजधानी देहरादून और उसके आसपास के इलाकों में अवैध निर्माण और बिना अनुमति बसाई जा रही कॉलोनियों पर मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (MDDA) ने अब तक का सबसे कड़ा शिकंजा कसा है। प्राधिकरण ने एक ही दिन में अभियान चलाते हुए सात अलग-अलग स्थानों पर ध्वस्तीकरण और सीलिंग की बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया, जिससे प्रॉपर्टी डीलर और अवैध निर्माणकर्ताओं में हड़कंप मच गया है। खास बात यह है कि इस कार्रवाई में अकेले शिमला बाईपास और पौंधा क्षेत्र में करीब 50 बीघा अवैध प्लॉटिंग पर बुलडोजर और सीलिंग की गाज गिरी है।

50 बीघा अवैध प्लॉटिंग पर चला प्राधिकरण का बुलडोजर

एमडीडीए की टीम ने मेदनीपुर, शिमला बाईपास रोड (ढकरानी, हरबर्टपुर) क्षेत्र में भू-स्वामी गौरव रावत द्वारा लगभग 20 बीघा भूमि पर की जा रही अवैध प्लॉटिंग को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। इसके अलावा पौंधा रोड पर राजेंद्र अग्रवाल द्वारा करीब 30 से 40 बीघा भूमि पर विकसित की जा रही अनधिकृत प्लॉटिंग को सील कर दिया गया है। प्राधिकरण के इस ताबड़तोड़ एक्शन से साफ है कि उपनगरों में बिना स्वीकृति के जमीनों के बड़े टुकड़ों पर खेल रहे भू-माफियाओं के दिन अब लदने लगे हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सुनियोजित विकास व्यवस्था बिगाड़ने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।

विधौली के अवैध कैफे और मसूरी निर्माण पर कड़ा शिकंजा

सिर्फ प्लॉटिंग ही नहीं, बल्कि व्यावसायिक गतिविधियों की आड़ में चल रहे अवैध निर्माणों पर भी प्राधिकरण की नजर टेढ़ी रही है। विधौली स्थित यूपीईएस कॉलेज के निकट बिना मानचित्र स्वीकृति के चल रहे पांच प्रतिष्ठानों-अक्षय पंवार, रवि शंकर, गायत्री शर्मा के कैफे व दुकानों के साथ-साथ ‘माही कैफे’ को सील कर दिया गया। वहीं दूसरी ओर, पर्वतीय पर्यटन क्षेत्र मसूरी के विन्सेन्ट हिल, क्रेग टॉप एस्टेट, वैवरली और हाथीपांव रोड पर अरुण सहगल व राहुल रोहानी से जुड़े अवैध निर्माणों पर भी सीलिंग की कार्रवाई की गई है। पर्वतीय नियमों की अनदेखी कर खड़े किए जा रहे इन निर्माणों से स्थानीय प्रशासन की चिंताएं बढ़ गई थीं।

निवेशकों के लिए कड़ी चेतावनी और प्रशासनिक निगरानी तेज

एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने जनता को आगाह करते हुए कहा है कि किसी भी भूखंड या संपत्ति में निवेश करने से पहले उसके स्वीकृत लेआउट और दस्तावेजों की पूरी जांच जरूर कर लें, ताकि भविष्य में कानूनी पचड़ों से बचा जा सके। वहीं सचिव मोहन सिंह बर्निया ने सभी क्षेत्रीय इंजीनियरों को अपने इलाकों में सख्त निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। इस पूरी कार्रवाई के दौरान भारी पुलिस बल और स्थानीय प्रशासनिक अमला मुस्तैद रहा, जिससे यह संकेत मिल गया है कि राजधानी में नियमों को ताक पर रखने वालों के खिलाफ यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।

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