भाजपा विधायक बंशीधर भगत ने कांग्रेस प्रभारी कुमारी शैलजा पर कड़ा प्रहार करते हुए उन्हें चुनावी हार और असफलताओं की पर्याय बताया है।
देहरादून (24 अक्टूबर) : उत्तराखंड की राजनीति में कांग्रेस और सत्ताधारी दल के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक बंशीधर भगत ने कांग्रेस की उत्तराखंड प्रभारी कुमारी शैलजा पर कड़ा हमला बोलते हुए उन्हें चुनावी हार और राजनीतिक असफलताओं की पर्याय करार दिया है। भगत ने कहा कि जिन राज्यों में उनका राजनीतिक दखल रहा, वहां पार्टी का सूपड़ा साफ हो गया है।
चुनावी विफलताओं की पर्याय हैं कुमारी शैलजा
भाजपा विधायक बंशीधर भगत ने प्रेस को जारी बयान में कहा कि जिस नेत्री के ट्रैक रिकॉर्ड में केवल हार दर्ज हो, वह आज देवभूमि की जनता को विकास और न्याय का पाठ पढ़ा रही हैं। उन्होंने याद दिलाया कि 2017 के विधानसभा चुनावों में जब शैलजा उत्तराखंड की सह-प्रभारी थीं, तब पार्टी मात्र 11 सीटों पर सिमट कर रह गई थी। इसके बाद हरियाणा और छत्तीसगढ़ में भी पार्टी की कमान संभालते हुए वे सफलता नहीं दिला सकीं, जिससे कांग्रेस का जनाधार लगातार कमजोर हुआ है।
अंकिता भंडारी और सुशासन पर जुबानी जंग
कांग्रेस द्वारा उठाए जा रहे अंकिता भंडारी प्रकरण और न्याय यात्रा के प्लान पर भगत ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में सरकार ने अपराध और अपराधियों के खिलाफ पहले दिन से सख्त रुख अपनाया है। एसआईटी गठन से लेकर न्यायालय में प्रभावी पैरवी तक हर कदम उठाया गया है। इसके अलावा, श्री दुष्यंत गौतम की नियुक्ति पर उठाए गए सवालों को उन्होंने विपक्ष की महज राजनीतिक बौखलाहट बताया है।
यूसीसी और भू-कानून के आगे लाचार कांग्रेस
भगत ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि आगामी विधानसभा सत्र के घेराव और न्याय यात्रा का स्वांग रचने वाली कांग्रेस वास्तव में पूरी तरह जमीन खो चुकी है। उत्तराखंड की जनता धामी सरकार के सुशासन, पारदर्शी भर्ती व्यवस्था, सख्त भू-कानून और यूसीसी जैसे ऐतिहासिक फैसलों के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस की यह तथाकथित न्याय यात्रा पूरी तरह फ्लॉप साबित होगी और जनता उनके दोहरे चरित्र को अच्छी तरह समझ चुकी है।









