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फाइलों में उलझी जनता की शिकायतें, मुख्यमंत्री ने लगाई अधिकारियों की क्लास

खटीमा (24 अक्टूबर) : उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को खटीमा पहुंचकर जनता और जनप्रतिनिधियों की समस्याएं सुनीं। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को दो टूक निर्देश दिए कि आम जनता को अपनी शिकायतों के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़े और फाइलों का निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर तय समय सीमा में हो। मुख्यमंत्री के इस कड़े रुख से प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है।

खटीमा में अधिकारियों को त्वरित समाधान के निर्देश

मुख्यमंत्री ने हेलीपैड लोहियाहेड और अपने कैंप कार्यालय में स्थानीय नागरिकों से मुलाकात कर एक-एक शिकायत को ध्यान से सुना। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनता की समस्याओं का समाधान केवल कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि धरातल पर उसका असर दिखना चाहिए। सीएम ने साफ किया कि सरकार का मुख्य उद्देश्य नागरिकों को अनावश्यक भागदौड़ से बचाना है ताकि हर शिकायत का पारदर्शी और संतोषजनक हल निकल सके।

सरलीकरण और संतुष्टि मूल मंत्र पर जोर

समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने दोहराया कि राज्य सरकार ‘सरलीकरण, समाधान और संतुष्टि’ के मूल मंत्र पर काम कर रही है। इसमें किसी भी स्तर पर प्रशासनिक लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने क्षेत्र के विकास कार्यों और नागरिक सुविधाओं को लेकर जनप्रतिनिधियों के साथ लंबी चर्चा की और जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप व्यवस्थाओं को चाक-चौबंद करने के निर्देश दिए। इस दौरान जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया और एएसपी अजय गणपति समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की चेतावनी

प्रशासनिक बैठकों और जनता दरबार के जरिए सरकार ने यह स्पष्ट संदेश दे दिया है कि लापरवाह अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी। खटीमा दौरे के बाद अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि स्थानीय स्तर के अधिकारी सीएम के इन निर्देशों का कितनी सख्ती से पालन कराते हैं ताकि आम जनता को राहत मिल सके।

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