अखिलेश यादव के घुसपैठिया बयान और राहुल गांधी के डोभाल पर बयान को लेकर पूर्व केंद्रीय मंत्री अजय भट्ट ने तीखा हमला बोला है। 1994 रामपुर तिराहा कांड याद दिलाया।
देहरादून (26 अक्टूबर) : समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा कथित तौर पर उत्तराखंड के लोगों को लेकर दिए गए बयान और राहुल गांधी द्वारा राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल पर की गई राजनीतिक टिप्पणी के बाद राज्य का सियासी पारा पूरी तरह चढ़ गया है। नैनीताल-उधमसिंह नगर से सांसद एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री अजय भट्ट ने दोनों विपक्षी नेताओं को आड़े हाथों लेते हुए आरोप लगाया कि विपक्षी गठबंधन में देवभूमि की अस्मिता और सम्मान को चोट पहुंचाने की होड़ लगी है।
उन्होंने सीधे तौर पर वर्ष 1994 के रामपुर तिराहा कांड की टीस को कुरेदते हुए कहा कि पिता के दौर का दमन झेल चुका उत्तराखंड अब बेटे की इस तरह की बयानबाजी किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं करेगा।
रामपुर तिराहा कांड की याद दिलाकर अखिलेश पर सीधा वार
देहरादून में बयान जारी करते हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री अजय भट्ट ने कहा कि उत्तराखंड के लोग आज भी 2 अक्टूबर 1994 को मुजफ्फरनगर के रामपुर तिराहा पर अलग राज्य आंदोलनकारियों के साथ हुए बर्बर व्यवहार और पुलिस गोलीबारी के घावों को नहीं भूले हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि मुलायम सिंह यादव के तत्कालीन शासनकाल में शांतिपूर्ण आंदोलनकारियों का दमन किया गया था और अब उसी विरासत के वारिस अखिलेश यादव उत्तराखंडवासियों को घुसपैठिया बताकर सीमांत प्रदेश के स्वाभिमान को कुचलने का प्रयास कर रहे हैं। भट्ट ने कहा कि जिस देवभूमि के जवान देश की सीमाओं की अग्रिम पंक्ति में खड़े होकर शहादत देते हैं, उनके सम्मान को किसी राजनीतिक मंच से कमतर आंकने की इजाजत नहीं दी जा सकती।
अजीत डोभाल पर राहुल के हमले से भड़की भाजपा
अजय भट्ट ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी हमला बोला और कहा कि देश की आंतरिक और बाह्य सुरक्षा के मजबूत स्तंभ राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल को राजनीतिक खींचतान में घसीटना कांग्रेस की हताशा को दर्शाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि पौड़ी गढ़वाल की माटी से निकले अजीत डोभाल जैसे राष्ट्रभक्त अधिकारी को ‘विलेन’ बताना न केवल उत्तराखंड बल्कि पूरे देश के सुरक्षा तंत्र का अपमान है।
सांसद ने सवाल उठाया कि जब अखिलेश यादव इस तरह का बयान देते हैं, तब उत्तराखंड कांग्रेस के स्थानीय नेताओं के मुंह पर ताला क्यों लग जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनावी गठबंधन के दबाव में प्रदेश कांग्रेस ने राज्य का स्वाभिमान गिरवी रख दिया है।
सार्वजनिक माफी की मांग और कांग्रेस से तीखे सवाल
भाजपा सांसद ने मांग की है कि अखिलेश यादव को अपने बयान पर तुरंत उत्तराखंड की जनता से सार्वजनिक रूप से बिना शर्त माफी मांगनी चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व से दो टूक पूछा कि क्या वे अपने गठबंधन सहयोगी की इस टिप्पणी से इत्तेफाक रखते हैं या खुलकर इसका विरोध करेंगे। भट्ट ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि देवभूमि के मेहनतकश युवाओं, पूर्व सैनिकों और राज्य निर्माण आंदोलनकारियों के आत्मसम्मान को चुनावी राजनीति का मोहरा नहीं बनने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि जनता आने वाले दिनों में लोकतांत्रिक तरीके से इस अपमान का हिसाब चुकता करेगी।









