कर्नल अजय कोठियाल ने अखिलेश यादव के बयान पर कड़ा ऐतराज जताते हुए पूछा कि अगर उत्तराखंडी घुसपैठिए हैं तो उनका देवभूमि की बेटियों से रिश्ता क्या कहलाता है।
देहरादून (27 अक्टूबर) : समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव द्वारा उत्तराखंडियों को कथित तौर पर ‘घुसपैठिया’ बताए जाने के मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। वरिष्ठ भाजपा नेता कर्नल अजय कोठियाल (से.नि.) ने मंगलवार को देहरादून में पत्रकार वार्ता कर सपा मुखिया पर सीधा हमला बोला। कोठियाल ने अखिलेश यादव को उनके निजी व पारिवारिक रिश्तों की याद दिलाते हुए दो-टूक सवाल किया कि अगर देवभूमि के नागरिक घुसपैठिए हैं, तो फिर उनकी अपनी ससुराल और भाई की ससुराल से जुड़ा यह पारिवारिक रिश्ता क्या कहलाता है?
देवभूमि की अस्मिता पर अखिलेश को घेरा
प्रेस वार्ता के दौरान कर्नल अजय कोठियाल ने कहा कि सपा अध्यक्ष की यह टिप्पणी देवभूमि उत्तराखंड की सवा करोड़ जनता का खुला अपमान है। उन्होंने आरोप लगाया कि तुष्टीकरण की सियासत के चलते सपा को बांग्लादेशी और रोहिंग्या अपने नजर आते हैं, जबकि देश की रक्षा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले सीमांत राज्य के नागरिक बाहरी ठहराए जा रहे हैं। कोठियाल ने कहा कि अखिलेश यादव की धर्मपत्नी और उनके अनुज की धर्मपत्नी दोनों देवभूमि की बेटियां हैं, ऐसे में उत्तराखंड के लोगों पर ऐसा लांछन लगाना उनकी राजनीतिक हताशा और संकीर्ण मानसिकता को दर्शाता है।
खड़गे के विवादित बोल पर तीखा विरोध
कर्नल कोठियाल ने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के हालिया बयानों को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वर्गीय पिता पर की गई अमर्यादित टिप्पणी राजनीति के बेहद निचले स्तर का परिचायक है। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी आलाकमान को खुश करने की होड़ में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भाषाई मर्यादा खो रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने केंद्र की मोदी सरकार, उत्तराखंड की धामी सरकार और उत्तर प्रदेश की योगी सरकार के विकास कार्यों का हवाला देते हुए कहा कि डबल इंजन सरकार की नीतियों से विपक्ष पूरी तरह बौखला चुका है।
कांग्रेस की रैली पर साधा सीधा निशाना
कांग्रेस द्वारा निकाली जा रही ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ रैली को कर्नल कोठियाल ने ‘परिवार बचाओ, भ्रष्टाचार बचाओ’ का अभियान करार दिया। उन्होंने कहा कि संवैधानिक संस्थाओं को लेकर कांग्रेस का दोहरा चरित्र जगजाहिर है; चुनाव आयोग के फैसलों से लेकर अदालत के फैसलों और केंद्रीय जांच एजेंसियों (ईडी-सीबीआई) की कार्रवाइयों तक, विपक्ष हर मंच पर केवल अपनी सुविधानुसार लोकतंत्र का राग अलापता है। उन्होंने कहा कि 2014, 2019 और 2024 के आम चुनावों में देश की जनता इस नकारात्मक सियासत को सिरे से खारिज कर चुकी है और आने वाले दिनों में भी जनता ऐसे बयानों का करारा जवाब देगी।









