हरिद्वार के भगवानपुर स्थित लकेश्वरी औद्योगिक क्षेत्र में बजाज फैक्ट्री के क्वेंचिंग ऑयल में लगी भीषण आग। दमकल ने फोम कंपाउंड से पाया काबू, बड़ा हादसा टला।
भगवानपुर/हरिद्वार (29 अक्टूबर) : उत्तराखंड के हरिद्वार जिले में लकेश्वरी औद्योगिक क्षेत्र स्थित बजाज एंड संस प्राइवेट लिमिटेड की फैक्ट्री में गुरुवार को हीट ट्रीटमेंट प्रक्रिया के दौरान क्वेंचिंग ऑयल में अचानक भीषण आग भड़क गई। काले धुएं के गुबार और आसमान छूती लपटों के बीच दमकल कर्मियों ने पानी के बजाय फोम कंपाउंड का इस्तेमाल कर एक बड़े औद्योगिक धमाके को टाल दिया। गनीमत रही कि समय रहते पूरे परिसर को खाली करा लिया गया, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई।
पानी के बजाय फोम कंपाउंड से रोकी लपटें
भगवानपुर के लकेश्वरी औद्योगिक क्षेत्र में जैसे ही बजाज एंड संस फैक्ट्री की यूनिट से लपटें उठीं, काम कर रहे कर्मचारियों में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही भगवानपुर फायर स्टेशन से दमकल की गाड़ियां मौके पर रवाना हुईं। घटनास्थल पर पहुंचे अग्निशमन दल ने देखा कि आग साधारण कचरे में नहीं, बल्कि बेहद ज्वलनशील क्वेंचिंग ऑयल में लगी थी।
तेल की आग पर यदि सीधे पानी की बौछार की जाती, तो खौलता हुआ तेल छलककर पूरे फ्लोर पर फैल सकता था और भीषण धमाके का रूप ले लेता। दमकल कर्मियों ने स्थिति को भांपते हुए मोटर फायर इंजन से होज पाइप फैलाए और फोम कंपाउंड की मोटी परत बिछाकर ऑक्सीजन की सप्लाई काट दी। घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद तेल से उठती लपटों पर पूरी तरह काबू पा लिया गया।
हीट ट्रीटमेंट प्लांट में क्वेंचिंग ऑयल का खतरा
औद्योगिक इकाइयों में धातुओं को मजबूत बनाने के लिए हीट ट्रीटमेंट प्रक्रिया अपनाई जाती है, जिसमें सैकड़ों डिग्री सेल्सियस गर्म कलपुर्जों को ठंडे क्वेंचिंग ऑयल के बड़े टैंकों में डुबोया जाता है। प्राथमिक आशंका के अनुसार, अत्यधिक तापमान या चिंगारी के संपर्क में आने से ऑयल टैंक ने आग पकड़ ली थी। लकेश्वरी इलाके में दर्जनों फैक्ट्रियां एक-दूसरे से सटी हुई हैं, ऐसे में यदि यह आग साथ वाली यूनिटों तक पहुंचती, तो बड़ा औद्योगिक संकट खड़ा हो सकता था। कर्मचारियों ने आग की लपटें देखते ही अलार्म बजाया और आपातकालीन प्रोटोकॉल के तहत तुरंत दमकल विभाग को सूचित किया।
अग्निशमन विभाग कर रहा नुकसान का कानूनी आकलन
आग बुझने के बाद दमकल टीम ने पूरे प्लांट को ठंडा कर सुरक्षित घोषित कर दिया। भगवानपुर अग्निशमन प्रभारी सत्यपाल सिंह ने बताया, “फैक्ट्री में आग लगने की सूचना मिलते ही टीम ने मोर्चा संभाला और त्वरित कार्रवाई कर आग पर पूरी तरह काबू पा लिया है। इस हादसे में किसी भी कर्मचारी को चोट नहीं आई है और जनहानि पूरी तरह टल गई है। प्लांट में हुए नुकसान का विस्तृत आकलन किया जा रहा है।” स्थानीय प्रशासन अब इस पहलू की भी जांच कर रहा है कि क्या फैक्ट्री परिसर में लगे इन-हाउस सुरक्षा उपकरण और ऑटोमैटिक स्प्रिंकलर मानक के अनुसार सक्रिय थे।









