---Advertisement---

अर्धकुंभ में नहीं होगी अन्न की कमी, केंद्र ने उत्तराखंड के लिए खोला 14,520 मीट्रिक टन राशन का कोटा

हरिद्वार अर्धकुंभ 2027 के लिए केंद्र ने उत्तराखंड को 14,520 मीट्रिक टन अतिरिक्त राशन मंजूर किया। 7260 टन गेहूं व चावल से लंगरों में आपूर्ति सहज रहेगी।

देहरादून (30 अक्टूबर) : हरिद्वार में वर्ष 2027 में जुटने वाले करोड़ों अखाड़ा संतों, कल्पवासियों और देश-विदेश के श्रद्धालुओं के लिए भोजन की पुख्ता व्यवस्था करते हुए केंद्र सरकार ने उत्तराखंड को 14,520 मीट्रिक टन अतिरिक्त खाद्यान्न का विशेष कोटा जारी कर दिया है। राज्य सरकार की विशेष मांग पर केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय ने आधी हिस्सेदारी गेहूं और आधी चावल के रूप में मंजूर की है।

इस त्वरित फैसले से अर्धकुंभ के दौरान संचालित होने वाले सैकड़ों सार्वजनिक लंगरों, अखाड़ों के भंडारों और मेला क्षेत्र की राशन दुकानों पर अचानक अन्न संकट खड़ा होने का खतरा पहले ही टल गया है।

हरिद्वार अर्धकुंभ में भंडारों के लिए मिला अतिरिक्त राशन

मेला आयोजन के दौरान सबसे बड़ी प्रशासनिक चुनौती लाखों कल्पवासियों और आने वाले तीर्थयात्रियों के लिए खाद्यान्न की अबाध आपूर्ति बनाए रखना होती है। अर्धकुंभ-2027 के दौरान हरिद्वार और आसपास के उपनगरीय मेला क्षेत्रों में अस्थायी आबादी का भारी दबाव बनेगा। केंद्रीय खाद्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को आधिकारिक पत्र भेजकर अवगत कराया है कि भारत सरकार के खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग ने 7,260 मीट्रिक टन गेहूं और 7,260 मीट्रिक टन चावल का विशेष आवंटन स्वीकृत कर दिया है। यह आवंटन राज्य के नियमित मासिक कोटे से अलग रखा गया है, ताकि स्थानीय निवासियों के पीडीएस वितरण पर किसी तरह का प्रतिकूल असर न पड़े।

धामी सरकार की मांग पर केंद्र ने लगाई मुहर

उत्तराखंड सरकार ने मेला आयोजन की प्राथमिक कार्ययोजना तैयार करते हुए केंद्र के समक्ष अग्रिम खाद्यान्न आपूर्ति का प्रस्ताव भेजा था। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी का आभार जताते हुए कहा कि केंद्र के इस सहयोग से मेला प्रबंधन को ज़मीनी मजबूती मिली है।

आमतौर पर इतने विशाल धार्मिक आयोजनों में ऐन वक्त पर राशन मिलने से परिवहन और स्थानीय गोदामों में बफर स्टॉक तैयार करने में भारी अड़चनें आती हैं। समय रहते मिले इस फैसले से खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग को भारतीय खाद्य निगम (FCI) के डिपो से समय पर अनाज उठाकर हरिद्वार, ऋषिकेश और मेला सीमा से जुड़े गोदामों में सुरक्षित भंडारण करने की पूरी मोहलत मिल जाएगी।

मेला क्षेत्र में राशन आपूर्ति की तैयारी हुई तेज

खाद्यान्न की औपचारिक मंजूरी मिलते ही जिला प्रशासन और आपूर्ति विभाग ने वितरण का खाका खींचना शुरू कर दिया है। मेला क्षेत्र में स्थापित होने वाले संत-महात्माओं के शिविरों, छावनियों और पंजीकृत धार्मिक संस्थाओं को पारदर्शी व्यवस्था के तहत अनाज दिया जाएगा। खुले बाजार में अनाधिकृत डायवर्जन और कृत्रिम किल्लत रोकने के लिए आपूर्ति व्यवस्था की डिजिटल निगरानी की जाएगी।

इसके साथ ही हरिद्वार नगर निगम और मेला नियंत्रण कक्ष के आपसी तालमेल से मुख्य स्नान पर्वों के दौरान राशन की निरंतर उपलब्धता बनाए रखने के लिए रूट-वार सप्लाई चेन तैयार की जा रही है।

Join WhatsApp

Join Now
---Advertisement---

Leave a Comment