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PM किसान की 24वीं किस्त जारी, उत्तराखंड के 8 लाख किसानों के खातों में पहुंचे 162 करोड़

उत्तराखंड के 8.08 लाख किसानों के खातों में पीएम किसान की 24वीं किस्त के 161.96 करोड़ रुपये ट्रांसफर हुए। सीएम धामी ने 1000 करोड़ के प्रोजेक्ट का ऐलान किया।

देहरादून (30 अक्टूबर) : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को गुजरात के बनासकांठा से देश के 9.34 करोड़ से अधिक किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि की 24वीं किस्त जारी कर दी है। इस राष्ट्रीय डीबीटी ट्रांसफर के तहत उत्तराखंड के 8 लाख 08 हजार से ज्यादा किसानों के बैंक खातों में 161.96 करोड़ रुपये की नकद राशि सीधे पहुंच गई है।

देहरादून के हाथीबड़कला स्थित सर्वे ऑडिटोरियम में आयोजित राज्यस्तरीय ‘पीएम-किसान उत्सव दिवस’ में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शिरकत की। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि विषम भौगोलिक परिस्थितियों वाले उत्तराखंड में यह नियमित आर्थिक संबल ग्रामीण परिवारों के लिए खाद, बीज और खेती की अन्य जरूरतों में बड़ा सहारा बन रहा है।

उत्तराखंड के आठ लाख किसानों को मिला सीधा फायदा

देहरादून में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि सीमा पर तैनात जवानों की तरह खेतों में पसीना बहाने वाले किसान देश की खाद्य सुरक्षा की रीढ़ हैं। राज्य कृषि विभाग के अनुसार, सभी पात्र किसानों के आधार-लिंक्ड बैंक खातों में 2,000 रुपये की किस्त डीबीटी के जरिए ट्रांसफर की गई है। इस अवसर पर कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में लैवेंडर और डेंडेलियन जैसी खुशबूदार और औषधीय फसलों को बढ़ावा देकर स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार तैयार किया जा रहा है। कृषि मंत्री ने यह भी जोड़ा कि प्राकृतिक आपदा से नुकसान झेलने वाले किसानों को तय सरकारी मानकों के अलावा राज्य स्तर से भी राहत राशि दी जा रही है।

पांच साल में दोगुने हुए लाभार्थी किसान

साल 2019 में जब इस योजना की पहली किस्त आई थी, तब उत्तराखंड के करीब चार लाख किसान ही इससे जुड़े थे। प्रशासनिक मुस्तैदी और ग्राम स्तर पर सत्यापन के बाद अब यह आंकड़ा बढ़कर 8.08 लाख पार कर गया है। सीएम धामी ने बताया कि किसानों की लागत घटाने के लिए राज्य में नहरों से सिंचाई को पूरी तरह मुफ्त कर दिया गया है। इसके अलावा खेती को मुनाफे का सौदा बनाने के लिए बजट में 200 करोड़ रुपये का अलग से प्रावधान किया गया है। राज्य में करीब 115 करोड़ रुपये की लागत से 350 से ज्यादा हाईटेक पॉलीहाउस तैयार किए जा चुके हैं, ताकि बेमौसमी सब्जियों के जरिए किसान अपनी कमाई बढ़ा सकें।

पर्वतीय खेती सुधारने को एक हजार करोड़ मंजूर

पहाड़ी ढलानों पर बारिश के भरोसे होने वाली खेती की दिक्कतों को दूर करने के लिए सरकार ने 1,000 करोड़ रुपये की लागत से ‘उत्तराखंड क्लाइमेट रिस्पॉन्सिव रेन-फेड फार्मिंग प्रोजेक्ट’ को मंजूरी दी है। इसके अलावा राज्य की नई सेब नीति, कीवी नीति और ड्रैगन फ्रूट नीति के साथ-साथ स्टेट मिलेट मिशन के तहत किसानों को 80 प्रतिशत तक का अनुदान दिया जा रहा है।

‘महक क्रांति’ के तहत 23 हजार हेक्टेयर में सात एरोमा वैली विकसित की जा रही हैं, जबकि स्थानीय मोटे अनाजों को बड़ा बाजार दिलाने के लिए ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ ब्रांड को आक्रामक रूप से प्रमोट किया जा रहा है। सरकार ने अनुपूरक बजट में धान और गेहूं की सरकारी खरीद के लिए 1,100 करोड़ रुपये का फंड भी सुरक्षित किया है।

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