---Advertisement---

देहरादून: सेविका समिति पर पोस्ट हटाकर फंसी कांग्रेस, भाजपा ने मांगी सार्वजनिक माफी

कांग्रेस द्वारा विवादित पोस्ट हटाने के बाद भी उत्तराखंड में सियासी पारा चढ़ा। भाजपा महिला मोर्चा ने कांग्रेस शीर्ष नेतृत्व से सार्वजनिक माफी की मांग की है।

देहरादून (30 अक्टूबर) : सोशल मीडिया से विवादित सामग्री हटाए जाने के बाद भी कांग्रेस की मुश्किलें थमती नजर नहीं आ रही हैं। राष्ट्रीय सेविका समिति की कार्यकर्ताओं के खिलाफ कांग्रेस के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से की गई कथित अभद्र और आपत्तिजनक टिप्पणी को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) महिला मोर्चा ने ‘देवभूमि की मातृशक्ति का खुला अपमान’ करार दिया है।

देहरादून स्थित भाजपा प्रदेश मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में पार्टी पदाधिकारियों ने दो टूक चेतावनी दी कि सिर्फ पोस्ट डिलीट कर देने से जनता कांग्रेस को माफ नहीं करेगी। महिला मोर्चा ने मांग की है कि इस कृत्य के लिए कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व तत्काल सार्वजनिक रूप से माफी मांगे और भविष्य में महिला सम्मान के खिलाफ अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल न करने का स्पष्ट संकल्प ले।

पोस्ट हटाना नाकाफी, शीर्ष नेतृत्व सार्वजनिक माफी मांगे

भाजपा प्रदेश महामंत्री दीप्ति रावत ने प्रेस वार्ता में कांग्रेस के रुख पर कड़ा हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का महिला सशक्तिकरण का दावा महज दिखावा बनकर रह गया है। एक तरफ मंचों से महिलाओं के सम्मान की बात की जाती है, वहीं दूसरी तरफ पार्टी के आधिकारिक सोशल मीडिया मंचों से समाज सेवा में जुटी महिलाओं के खिलाफ अमर्यादित भाषा परोसी जा रही है।

दीप्ति रावत ने कहा कि राष्ट्रीय सेविका समिति की कार्यकर्ता राष्ट्रसेवा, सामाजिक समरसता और संस्कारों के प्रसार के लिए समर्पित हैं। ऐसी समर्पित महिलाओं के खिलाफ अभद्र टिप्पणी करना कांग्रेस की वैचारिक दरिद्रता को उजागर करता है। उन्होंने साफ किया कि केवल विवादित पोस्ट को हटा लेना इस अपराध पर पर्दा नहीं डाल सकता; इसके लिए पार्टी आलाकमान को सीधे तौर पर जिम्मेदारी लेते हुए सार्वजनिक रूप से देश की महिलाओं से माफी मांगनी होगी।

राष्ट्रीय सेविका समिति पर कथित टिप्पणी से उपजा विवाद

विवाद की मुख्य वजह कांग्रेस के आधिकारिक सोशल मीडिया मंच से राष्ट्रीय सेविका समिति को लेकर की गई वह टिप्पणी है, जिस पर भाजपा ने तीखा ऐतराज जताया है। विवाद बढ़ता देख यद्यपि उस सामग्री को हटा लिया गया, लेकिन भाजपा इसे कांग्रेस की महिला विरोधी मानसिकता का पुख्ता प्रमाण मान रही है। महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष रुचि भट्ट ने कहा कि इस टिप्पणी ने हर संवेदनशील महिला के स्वाभिमान को ठेस पहुंचाई है। दशकों से समाज निर्माण और जनजागरण में लगी महिलाओं के संघर्ष को राजनीतिक दुर्भावना के चलते निशाना बनाया गया है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक विरोध अपनी जगह हो सकता है, लेकिन लोकतांत्रिक संवाद में किसी भी महिला संगठन या कार्यकर्ता के प्रति अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जाएगा।

सड़कों पर उतरेगी मातृशक्ति, लोकतांत्रिक जवाब की चेतावनी

भाजपा महिला मोर्चा ने स्पष्ट कर दिया है कि वह इस मामले को आसानी से ठंडा नहीं पड़ने देगा। पार्टी नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि कांग्रेस नेतृत्व ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए सार्वजनिक माफी नहीं मांगी और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई नहीं की, तो प्रदेश भर की महिलाएं सड़कों पर उतरकर लोकतांत्रिक तरीके से कड़ा जवाब देंगी।

प्रेस वार्ता में भाजपा की प्रदेश मंत्री नेहा जोशी, प्रदेश प्रवक्ता कमलेश रमन और महिला मोर्चा की प्रदेश मीडिया प्रभारी डॉ. दिव्या नेगी भी मौजूद रहीं। सभी ने एक सुर में कहा कि नारी सम्मान किसी राजनीतिक दल की दया पर निर्भर नहीं है और देवभूमि की महिलाएं अपने स्वाभिमान पर चोट करने वालों को आने वाले दिनों में करारा सबक सिखाएंगी।

Join WhatsApp

Join Now
---Advertisement---

Leave a Comment