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देहरादून : 6 साल के बच्चे ने खोया पूरा परिवार, सड़क के गलत डिजाइन पर PWD और NHAI पर FIR

देहरादून के मोहब्बेवाला में कार पर कंटेनर पलटने से सहारनपुर के 4 लोगों की मौत। 6 साल का बच्चा बचा। पुलिस ने सड़क की खामियों पर NHAI और PWD के खिलाफ FIR दर्ज की है।

देहरादून, 5 नवंबर: दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर मोहब्बेवाला के पास हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे में सहारनपुर के एक परिवार के तीन सदस्यों और उनके चालक की मौत हो गई। बुधवार को एक अनियंत्रित भारी कंटेनर आई-20 कार के ऊपर पलट गया। इस खौफनाक हादसे में छह साल का एक बच्चा चमत्कारिक रूप से जिंदा बच गया है। लगातार हो रही दुर्घटनाओं के बाद देहरादून पुलिस ने सख्त कदम उठाते हुए नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) और लोक निर्माण विभाग (PWD) के अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।

6 साल के मासूम ने खोया परिवार

सहारनपुर के मिशन कंपाउंड स्थित खेमका सदन निवासी 40 वर्षीय जीएसटी अधिवक्ता विश्वेश कपूर अपनी पत्नी निशा आनंद (38) और मां किरण कपूर (63) के साथ बुधवार को देहरादून आ रहे थे। उनके साथ चालक नीरज भी था। विश्वेश के भाई दीपेश कपूर देहरादून के चमन विहार फेज-दो में रहते हैं और उनकी पत्नी की एक-दो दिन में डिलीवरी होनी है। परिवार इसी सिलसिले में दून आ रहा था। मोहब्बेवाला से आशारोड़ी के बीच ढलान पर सहारनपुर की ओर से आ रहे प्लास्टिक के दानों से लदे एक भारी कंटेनर ने पहले आगे चल रहे लोडर को टक्कर मारी और फिर बेकाबू होकर सीधे कपूर परिवार की कार पर पलट गया।

कार काटकर बच्चे को निकाला जिंदा

कंटेनर का वजन इतना ज्यादा था कि कार पूरी तरह से पिचक गई और दरवाजे खुलना नामुमकिन हो गया। मौके पर पहुंची पुलिस और एसडीआरएफ की टीम ने स्थानीय लोगों की मदद से करीब डेढ़ घंटे तक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। क्रेन से कंटेनर को हटाने के बाद कटर से कार की बॉडी काटी गई। बचाव दल ने सबसे पहले छह साल के बच्चे माहेर कपूर को सुरक्षित बाहर निकाला, जिसे तुरंत इलाज के लिए कोरोनेशन अस्पताल भेजा गया। इसके बाद कार से विश्वेश, उनकी पत्नी, मां और चालक नीरज के शव निकाले जा सके। हादसे के कारण एक्सप्रेसवे पर करीब ढाई घंटे तक लंबा जाम लगा रहा।

NHAI और PWD के अधिकारियों पर FIR

इस दर्दनाक हादसे के बाद पुलिस ने सड़क की सुरक्षा खामियों को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। देहरादून पुलिस ने सड़क के गलत डिजाइन और असुरक्षित निर्माण के मामले में NHAI और PWD के अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा (FIR) दर्ज कर लिया है। बीते 20 सितंबर को भी एक हादसे के बाद दून पुलिस ने NHAI को नोटिस भेजकर जवाब मांगा था कि दुर्घटनाएं रोकने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं। पुलिस अब इस बात की विस्तृत जांच कर रही है कि बार-बार दी गई चेतावनियों के बावजूद इन विभागों ने सड़क की तकनीकी खामियों को दूर क्यों नहीं किया।

निरीक्षण के डेढ़ घंटे बाद ही हादसा

हैरानी की बात यह है कि जिस जगह यह हादसा हुआ, वहां दुर्घटना से करीब डेढ़ घंटे पहले ही सेंट्रल रोड रिसर्च इंस्टीट्यूट (CRRI) और NHAI की टीम ने मुआयना किया था। टीम लगातार हो रहे हादसों के कारणों की जांच करने ही पहुंची थी, लेकिन उनके जाने के तुरंत बाद चार लोगों की जान चली गई। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि जिस कंटेनर के पलटने से हादसा हुआ, उस पर यातायात नियमों के उल्लंघन के 25 चालान पहले से लंबित हैं।

ढलान और कट बने जानलेवा

मोहब्बेवाला का यह दो किलोमीटर का पैच भारी वाहनों के लिए जानलेवा बन चुका है। मोहंड की लंबी चढ़ाई चढ़ने के बाद आशारोड़ी की तरफ आने वाली ढलान पर लदे हुए ट्रक और कंटेनर अक्सर अनियंत्रित हो जाते हैं। विशेषज्ञ मानते हैं कि लोअर गियर का इस्तेमाल न करने और लगातार ब्रेक लगाने से ब्रेक गर्म हो जाते हैं, जिससे वाहन से नियंत्रण छिन जाता है। सड़क का घुमाव और बीच में दिए गए कट दुर्घटना का बड़ा कारण हैं। बीते एक साल में इस क्षेत्र में ट्रकों के पलटने और संपत्तियों को नुकसान पहुंचने की 18 बड़ी घटनाएं हो चुकी हैं। रंबल स्ट्रिप, जिगजैग बैरिकेडिंग और स्पीड कैमरे लगाने के बावजूद हादसे रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं। लोगों का कहना है कि केवल नए उपाय घोषित करने के बजाय हाईवे के डिजाइन में बुनियादी सुधार की जरूरत है।

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