Navratri Kalash Visarjan : इस साल की शारदीय नवरात्रि थोड़ी खास रही क्योंकि यह पूरे 10 दिनों तक चली। दरअसल, चौथे दिन की पूजा दो बार होने की वजह से मां कूष्मांडा की आराधना लगातार दो दिन की गई।
परंपरा के अनुसार नवरात्रि में कलश स्थापना, जवारे बोना, माता की पूजा और अंत में हवन व कन्या पूजन का विशेष महत्व होता है।
आज नवमी की पूजा और हवन के साथ कन्या पूजन हो रहा है, जबकि कल यानी 2 अक्टूबर को कलश विसर्जन किया जाएगा।
इसी बीच कई बार लोगों को चिंता तब होने लगती है जब कलश पर रखा नारियल सूख जाता है या अंदर से काला पड़ जाता है। अक्सर लोग इसे अशुभ मानकर घबरा जाते हैं।
लेकिन शास्त्रों के अनुसार ऐसा बिल्कुल नहीं है। अगर कलश का नारियल सूख जाए तो इसे किसी नदी या बहते जल में प्रवाहित कर देना चाहिए।
इसका अर्थ नकारात्मक नहीं बल्कि सकारात्मक होता है। माना जाता है कि नारियल ने आपके घर-परिवार पर आने वाली बाधाओं को अपने ऊपर ले लिया है और आपको सुरक्षित रखा है।
अगर नारियल अच्छी अवस्था में है तो इसे परिवार और आसपास के लोगों में प्रसाद रूप में बांटना चाहिए।
यह नारियल पूरे नवरात्रि मां दुर्गा की ऊर्जा से पवित्र हो जाता है, इसलिए इसे खाना, खीर या मिठाई में इस्तेमाल करना बेहद शुभ माना जाता है।
वहीं, कलश में रखा पवित्र जल घर में छिड़कने से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
बचे हुए जल को पौधों में डालना भी शुभ और पर्यावरण के लिए लाभकारी होता है।









