---Advertisement---

Ravan Puja in India : दशहरे पर यहां रावण दहन नहीं होती है लंकापति की पूजा, जानिए रहस्य

---Advertisement---

Ravan Puja in India : देशभर में दशहरा बड़े धूमधाम से मनाया जाता है। यह पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है। हर साल आश्विन मास की शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को यह उत्सव मनाया जाता है।

इस वर्ष दशहरा 2 अक्टूबर 2025, गुरुवार के दिन मनाया जाएगा। परंपरा के अनुसार, इस दिन जगह-जगह रावण, मेघनाद और कुंभकर्ण के पुतले जलाए जाते हैं।

लेकिन क्या आप जानते हैं कि भारत में कुछ स्थान ऐसे भी हैं, जहां रावण दहन नहीं होता? बल्कि वहां रावण की पूजा की जाती है।

स्थानीय मान्यताओं, ऐतिहासिक कारणों और धार्मिक विश्वासों के चलते आज भी इन जगहों पर दशहरे पर पुतला दहन की बजाय लंकापति की आराधना की जाती है। आइए जानते हैं देश के उन खास स्थानों के बारे में

बिसरख, उत्तर प्रदेश

नोएडा के पास स्थित बिसरख गांव को रावण का ननिहाल माना जाता है। यहां दशहरे पर रावण दहन नहीं होता, बल्कि लोग उसकी पूजा करते हैं। गांव में रावण का मंदिर भी मौजूद है।

बागपत, उत्तर प्रदेश

बड़ागांव (जिला बागपत) के लोग रावण को अपना पूर्वज मानते हैं। कहा जाता है कि यहां रावण ने मां मनसा देवी की प्रतिमा स्थापित की थी। इसलिए दशहरे पर पूजा होती है, दहन नहीं।

कानपुर, उत्तर प्रदेश

कानपुर का दशानन मंदिर केवल साल में एक दिन—दशहरे पर—खुलता है। 1890 में बने इस मंदिर में भक्त रावण की विशेष पूजा-अर्चना करते हैं।

उज्जैन, मध्यप्रदेश

उज्जैन जिले के चिखली गांव में मान्यता है कि अगर रावण की पूजा न की जाए तो गांव पर आपदा आ सकती है। इसी डर और आस्था की वजह से यहां दशहरे पर पूजा की परंपरा है।

मंदसौर, मध्यप्रदेश

मंदसौर को पहले ‘दशपुर’ कहा जाता था। यह रावण की पत्नी मंदोदरी का मायका है। इसलिए यहां के लोग रावण को ‘दामाद’ मानकर पूजा करते हैं और पुतला दहन नहीं करते।

बैजनाथ, हिमाचल प्रदेश

हिमाचल के बैजनाथ में माना जाता है कि रावण ने यहां भगवान शिव की कठोर तपस्या की थी। यहां लोग मानते हैं कि रावण दहन करने से मृत्यु का संकट आ सकता है।

अमरावती, महाराष्ट्र

अमरावती के गढ़चिरौली क्षेत्र में आदिवासी समुदाय रावण और उसके पुत्र को देवता मानकर पूजा करता है। इसलिए दशहरे पर यहां पुतला दहन की परंपरा नहीं है।

जोधपुर, राजस्थान

जोधपुर के कुछ समाज रावण को अपना कुल देवता मानते हैं। यहां रावण मंदिर भी है और दशहरे पर उसकी आराधना की जाती है।

काकिनाडा, आंध्र प्रदेश

आंध्र के काकिनाडा में रावण का मंदिर है। यहां लोग राम की महिमा को मानते हैं, लेकिन रावण को शक्ति का प्रतीक मानकर पूजा करते हैं।

कर्नाटक

कर्नाटक के कोलार और मंड्या जिले के मालवली में भी रावण की आराधना होती है। यहां लोग उसे भगवान शिव का परम भक्त मानते हैं।

दशहरा जहां अच्छाई की विजय का प्रतीक है, वहीं भारत के ये स्थान हमें यह भी बताते हैं कि आस्था और मान्यताएं हर जगह अलग-अलग रूपों में देखने को मिलती हैं।

Join WhatsApp

Join Now
---Advertisement---

Leave a Comment