Aaj Ka Panchang 05 October 2025 : रविवार की सुबह होते ही कई लोग अपने दिन की शुरुआत एक कप चाय के साथ पंचांग देखकर करते हैं। ये पुरानी परंपरा आज भी उतनी ही प्रासंगिक लगती है जितनी कभी थी। 5 अक्टूबर 2025 को आश्विन मास का शुक्ल पक्ष चल रहा होगा, और त्रयोदशी तिथि दिन भर प्रभावी रहेगी।
विक्रम संवत 2082 के इस कालयुक्त संवत्सर में रविवार का दिन खासतौर पर शुभ फल देने वाला कहा जा सकता है। अगर आप नए काम की शुरुआत सोच रहे हैं या बस दिनचर्या को थोड़ा संतुलित करना चाहते हैं, तो ये पंचांग एक छोटा-सा मार्गदर्शक बनेगा। बिना किसी जटिल गणनाओं के, चलिए देखते हैं कि ये दिन क्या-क्या लेकर आ रहा है।
तिथि और पक्ष
आश्विन शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि 5 अक्टूबर को सुबह से शाम तक चलेगी। ये तिथि धार्मिक कार्यों और छोटे-मोटे शुभ अवसरों के लिए काफी अनुकूल मानी जाती है। मान लीजिए, आप घर में कोई छोटा सा उत्सव मना रहे हैं या बस परिवार के साथ समय बिताना चाहते हैं – ये दिन बिल्कुल सही लगेगा।
हिंदू कैलेंडर में ऐसी तिथियां जीवन की छोटी खुशियों को बढ़ाने का काम करती हैं। कलयुग के इस दौर में, जहां सब कुछ तेज़ भागता नज़र आता है, त्रयोदशी जैसी तिथि याद दिलाती है कि कभी-कभी धीमे चलना भी ठीक होता है।
नक्षत्र, योग और करण
आज का नक्षत्र पूर्वाभाद्रपद रहेगा, जो रचनात्मकता और स्थिरता का प्रतीक है। साथ ही, गंड योग सुबह से शुरू होकर दोपहर तक प्रभावी रहेगा, उसके बाद वृद्धि योग ले लेगा। वृद्धि योग तो नाम से ही साफ है – ये विकास और प्रगति की ओर इशारा करता है। करण की बात करें तो तैतिल सुबह तक चलेगा, फिर गर करण शाम को जगह बनाएगा।
ये सब मिलकर एक ऐसा माहौल तैयार करते हैं जहां छोटे निर्णय लेना आसान हो जाता है। उदाहरण के तौर पर, अगर आप बाज़ार जाना चाहें तो दोपहर का समय चुनें, क्योंकि ये योग खरीदारी को फायदेमंद बना सकते हैं। पंचांग की ये बारीकियां न तो बहुत जटिल हैं और न ही अनदेखी करने लायक – बस, रोज़मर्रा के फैसलों में थोड़ी मदद करती हैं।
सूर्य-चंद्र समय
सूर्योदय दिल्ली जैसे शहरों में सुबह 6 बजकर 20 मिनट पर होगा, जबकि सूर्यास्त शाम 5 बजकर 55 मिनट पर। चंद्रोदय रात 8 बजकर 30 मिनट के आसपास होगा, और चंद्रास्त अगले दिन सुबह 10 बजे। ये समय न सिर्फ पूजा-पाठ के लिए उपयोगी हैं, बल्कि मौसम की समझ के लिए भी। अक्टूबर का ये महीना तो धीरे-धीरे ठंडक ला रहा है, और चंद्रमा की ये स्थिति रातों को थोड़ी और शांत बना देगी।
अगर आप शाम को टहलने निकलें, तो चांद की ये चमक आपको पुरानी यादें ताज़ा करा सकती है। पंचांग में ये विवरण इसलिए महत्वपूर्ण हैं क्योंकि ये प्रकृति से जुड़ाव की याद दिलाते हैं, जो शहर की भागदौड़ में भूलते जाते हैं।
शुभ-अशुभ मुहूर्त
शुभ मुहूर्त की बात करें तो अभिजित मुहूर्त दोपहर 12 बजे से 1 बजे तक सबसे अच्छा रहेगा। इस दौरान कोई छोटा काम शुरू करना चाहें – जैसे दस्तावेज़ साइन करना या मीटिंग फिक्स करना – तो ये समय काम आएगा। चंद्रमा कुंभ राशि में रहेगा, जो सामाजिक कार्यों के लिए अनुकूल है। वहीं, अशुभ समय से बचने के लिए राहुकाल पर नज़र रखें: ये दोपहर 1:30 से 3 बजे तक चलेगा।
यमगंड भी सुबह 10:30 से दोपहर 12 बजे तक रहेगा। चौघड़िया में लाभ, अमृत और शुभ के समय चुनें – जैसे सुबह 7 से 8:30 तक लाभ चौघड़िया। कुल मिलाकर, दिन के 24 घंटों में से ज़्यादातर समय सकारात्मक हैं, बस थोड़ी सतर्कता बरतें।









