KL Rahul Record : भारत और इंग्लैंड के बीच चल रही टेस्ट सीरीज भले ही ड्रॉ की ओर बढ़ रही हो, लेकिन इस दौरान केएल राहुल ने ऐसा कमाल कर दिखाया है, जो क्रिकेट प्रेमियों के दिलों में लंबे समय तक बस्ता रहेगा।
इस अनुभवी सलामी बल्लेबाज ने इंग्लैंड की मुश्किल पिचों पर 22 साल बाद एक नया कीर्तिमान रच दिया। राहुल ने इस पांच मैचों की सीरीज में 10 पारियों में 53.20 की शानदार औसत से 532 रन ठोक डाले। इस दौरान उनके बल्ले से दो धमाकेदार शतक और दो अर्धशतक निकले, जिसमें उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 137 रन रहा।
दिग्गजों को पछाड़ा
राहुल ने इस सीरीज में कई बड़े-बड़े सलामी बल्लेबाजों को धूल चटाई। वीरेंद्र सहवाग, रोहित शर्मा, मैथ्यू हेडन, एलेस्टेयर कुक और एंड्रयू स्ट्रॉस जैसे दिग्गजों को पीछे छोड़ते हुए उन्होंने साबित कर दिया कि विदेशी धरती पर भी वह भारत के लिए कितने भरोसेमंद हैं। उनकी इस उपलब्धि ने भारतीय क्रिकेट फैंस का सीना गर्व से चौड़ा कर दिया।
टीम को दी मजबूत शुरुआत
लीड्स, मैनचेस्टर, लॉर्ड्स और ओवल जैसे मैदानों पर राहुल ने भारतीय टीम को एक के बाद एक मजबूत शुरुआत दी। मैनचेस्टर में उन्होंने पहली पारी में 90 रनों की शानदार पारी खेली, तो लीड्स और लॉर्ड्स में उनके शतक और अर्धशतक ने भारत की पारी को संबल प्रदान किया। उनकी बल्लेबाजी ने न सिर्फ टीम को आत्मविश्वास दिया, बल्कि विदेशी परिस्थितियों में भी भारत को मजबूती से खड़ा रखा।
ओवल में फॉर्म ने दिया धोखा
हालांकि, ओवल में खेले गए आखिरी टेस्ट में राहुल का बल्ला कुछ खामोश रहा। पहली पारी में वह सिर्फ 14 रन बना पाए, और दूसरी पारी में केवल 7 रन जोड़कर पवेलियन लौट गए। इस मैच में उनके बल्ले से कुल 21 रन ही निकले, जिसने उनकी शानदार सीरीज पर थोड़ा सा दाग जरूर लगाया।
22 साल बाद रचा इतिहास
राहुल ने इस सीरीज में एक ऐसा रिकॉर्ड बनाया, जो 22 साल बाद देखने को मिला। वह इंग्लैंड में एक टेस्ट सीरीज में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले सलामी बल्लेबाज बन गए। इससे पहले यह रिकॉर्ड दक्षिण अफ्रीका के पूर्व कप्तान ग्रेम स्मिथ के नाम था, जिन्होंने 2003 में इंग्लैंड में 714 रन बनाए थे। राहुल के 532 रन इस रिकॉर्ड की तुलना में भले ही कम हों, लेकिन कई दिग्गजों को पीछे छोड़ना कोई छोटी बात नहीं।
राहुल बने भरोसे का नाम
इस इंग्लैंड दौरे पर केएल राहुल की निरंतरता और शानदार प्रदर्शन ने उनकी काबिलियत को एक बार फिर साबित किया। भारतीय क्रिकेट के लिए यह एक बड़ी उपलब्धि है। फैंस को उम्मीद है कि आने वाले समय में भी राहुल ऐसे ही रिकॉर्ड तोड़ते रहेंगे और भारतीय टीम को नई ऊंचाइयों तक ले जाएंगे।









