31 Aug 2025, Sun

Haryana News : ऑनलाइन बिजली बिल भरने में हरियाणा बना नंबर-1, इतने लोग हुए हाईटेक

Haryana News : हरियाणा ने बिजली वितरण और उपभोक्ता सेवाओं में तकनीकी बदलाव की मिसाल कायम की है। ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने बताया कि प्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं की संख्या 81 लाख 92 हजार से अधिक हो चुकी है, जिनमें से 49 लाख 15 हजार से ज्यादा लोग अब अपने बिजली बिलों का भुगतान डिजिटल माध्यमों से कर रहे हैं।

यह न केवल हरियाणा की डिजिटल प्रगति को दर्शाता है, बल्कि उपभोक्ताओं के लिए सुविधा, पारदर्शिता और समय की बचत का भी प्रतीक है। गांवों से लेकर शहरों तक, लोग नेट बैंकिंग, यूपीआई, क्रेडिट/डेबिट कार्ड और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के जरिए बिल चुका रहे हैं, जिससे लंबी कतारों की परेशानी खत्म हो गई है।

डिजिटल सेवाओं का नया दौर

हरियाणा के बिजली निगम, उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम (UHBVN) और दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (DHBVN), अब अपने कुल राजस्व का 60 फीसदी से ज्यादा हिस्सा ऑनलाइन भुगतान से प्राप्त कर रहे हैं। अनिल विज ने बताया कि बिल भुगतान के अलावा, उपभोक्ता अब नए कनेक्शन, लोड में बदलाव, नाम परिवर्तन, मीटर स्थानांतरण और शिकायत निवारण जैसी सेवाएं भी ऑनलाइन पोर्टल के जरिए ले रहे हैं।

गुरुग्राम में केंद्रीय ग्राहक सेवा केंद्र और पंचकूला व गुरुग्राम में कॉल सेंटर स्थापित किए गए हैं। इसके साथ ही टोल-फ्री नंबर 1912 पर शिकायत दर्ज करने की सुविधा ने उपभोक्ताओं की समस्याओं का समाधान तेज कर दिया है।

स्मार्ट तकनीक और बिजली वितरण में सुधार

हरियाणा में तकनीकी उन्नति ने बिजली वितरण को और मजबूत किया है। शहरी क्षेत्रों में स्वचालित मीटर रीडिंग (AMR) लागू होने से मैनुअल हस्तक्षेप कम हुआ है और बिलिंग में पारदर्शिता बढ़ी है। मानेसर और कुंडली जैसे औद्योगिक क्षेत्रों में स्मार्ट ग्रिड प्रणाली ने बिजली आपूर्ति की गुणवत्ता को बेहतर बनाया है।

इसके अलावा, ‘म्हारा गांव-जगमग गांव’ योजना ने 5887 गांवों में 24 घंटे बिजली सुनिश्चित कर ग्रामीण जीवन को बदल दिया है। यह योजना ग्रामीण उपभोक्ताओं को डिजिटल सेवाओं से जोड़ने में भी कारगर साबित हुई है।

तकनीकी और वाणिज्यिक हानियों में कमी

पिछले 13 सालों में हरियाणा ने तकनीकी और वाणिज्यिक हानियों (AT&C Losses) में ऐतिहासिक कमी दर्ज की है। 2012-13 में 29.31 फीसदी की हानि 2025 तक घटकर 10.52 फीसदी रह गई है। UHBVN ने हानि को 35.60 फीसदी से 9.38 फीसदी और DHBVN ने 23.29 फीसदी से 11.35 फीसदी तक सीमित किया है। ट्रांसफार्मर क्षति दर भी 1997-98 के 30.45 फीसदी से घटकर 2024-25 में 4.74 फीसदी हो गई है। इस उपलब्धि का श्रेय स्मार्ट मीटरिंग, बेहतर मॉनिटरिंग और नियमित रखरखाव को जाता है।

साइबर फ्रॉड से सावधानी की जरूरत

डिजिटल भुगतान के बढ़ते चलन के साथ साइबर फ्रॉड की चुनौती भी सामने आई है। अनिल विज ने उपभोक्ताओं से फर्जी कॉल्स और लिंक्स से सतर्क रहने की अपील की है। बिजली निगमों को भी साइबर सुरक्षा को मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं। विज ने कहा, “हरियाणा का बिजली क्षेत्र डिजिटल और तकनीकी बदलावों के साथ देश में अग्रणी बन चुका है। स्मार्ट तकनीक और नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग से हम भविष्य में और प्रगति करेंगे।”

By Ganga

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