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EV Sales September 2025 : सितंबर में इलेक्ट्रिक कारों की सेल्स में 16% की गिरावट, टाटा और किआ ने दिखाया दम

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EV Sales September 2025 : इलेक्ट्रिक कारों का बाजार भारत में तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन सितंबर 2025 के आंकड़े कुछ और ही कहानी बयान कर रहे हैं। जीएसटी 2.0 के नए नियमों का असर electric cars पर बिल्कुल नहीं पड़ा, फिर भी इनकी बिक्री मासिक आधार पर लुढ़क गई। फेस्टिव सीजन खत्म होने के बावजूद electric cars सेगमेंट में गिरावट देखी गई।

अगस्त 2025 की तुलना में सितंबर में electric cars की सेल्स 16 फीसदी कम हो गई। लेकिन अच्छी खबर ये है कि सालाना आधार पर इस सेगमेंट को 148 फीसदी की जबरदस्त ग्रोथ मिली। सबसे रोचक बात तो ये कि टाटा मोटर्स ने electric cars की बिक्री में इतनी रफ्तार दिखाई कि वो अपने सबसे बड़े मुकाबले MG मोटर्स से लगभग दोगुने अंतर से आगे निकल गई।

सालाना ग्रोथ में किआ को सबसे ज्यादा 2430 फीसदी का फायदा हुआ, जबकि टॉप-5 में चीनी कंपनी BYD को भी अच्छी बढ़त मिली। आइए, electric cars की इन बिक्री के आंकड़ों को करीब से देखें।

मासिक बिक्री 

सितंबर 2025 में electric cars की कुल बिक्री 15,315 यूनिट्स रही, जो अगस्त के 18,328 यूनिट्स से 16 फीसदी कम है। इस लिस्ट में टाटा पैसेंजर इलेक्ट्रिक मोबिलिटी लिमिटेड ने अगस्त में 7,453 electric cars बेचीं, लेकिन सितंबर में ये संख्या 6,216 पर आ गई, यानी 17 फीसदी की मासिक गिरावट।

MG मोटर इंडिया प्राइवेट लिमिटेड की हालत इससे भी खराब रही – अगस्त के 5,087 यूनिट्स से सितंबर में 3,912 पर सिमट गई, जो 23 फीसदी की डिग्रोथ है। महिंद्रा इलेक्ट्रिक ऑटोमोबाइल लिमिटेड ने अगस्त में 3,706 electric cars बेचीं, जो सितंबर में घटकर 3,243 हो गईं, यानी 12 फीसदी कम।

हालांकि, कुछ कंपनियां electric cars के बाजार में चमकीं। BYD इंडिया प्राइवेट लिमिटेड ने अगस्त के 478 यूनिट्स से सितंबर में 547 electric cars बेचीं, जो 14 फीसदी की मासिक ग्रोथ दिखाती है। किआ इंडिया प्राइवेट लिमिटेड ने भी अच्छा प्रदर्शन किया – 463 से बढ़कर 506 यूनिट्स, यानी 9 फीसदी ऊपर। लेकिन हुंडई मोटर इंडिया लिमिटेड को बड़ा झटका लगा, जहां अगस्त के 618 यूनिट्स सितंबर में सिर्फ 349 रह गए, जो 449 फीसदी की भारी गिरावट है।

BMW इंडिया प्राइवेट लिमिटेड ने 393 से 310 पर आकर 21 फीसदी गंवाया। मर्सिडीज-बेंज ने उलट फेर किया – 80 से 97 यूनिट्स, 21 फीसदी ग्रोथ। टेस्ला इंडिया मोटर्स एंड एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड ने सितंबर में पहली बार 64 electric cars बेचीं, जबकि अगस्त में जीरो था। PCA ऑटोमोबाइल्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड ने 23 से 36 पर 57 फीसदी बढ़ोतरी की।

वोल्वो ऑटो इंडिया प्राइवेट लिमिटेड ने 21 से 23, यानी 10 फीसदी ग्रोथ पाई। विनफास्ट ऑटो इंडिया प्राइवेट लिमिटेड ने 0 से 6 यूनिट्स शुरू किए। पोर्श एजी जर्मनी ने 6 से 5 पर 17 फीसदी गंवाया। रोल्स रॉयस ने 0 से 1 पर कदम रखा, जबकि ऑडी AG ने 3 से 0 होकर 100 फीसदी डिग्रोथ झेली। कुल मिलाकर, electric cars की मासिक बिक्री में ज्यादातर बड़ी कंपनियां पीछे रहीं, लेकिन कुछ नई एंट्रीज ने उम्मीद जगाई।

सालाना बिक्री 

अब बात करते हैं सालाना आंकड़ों की, जहां electric cars का बाजार चमक रहा है। सितंबर 2024 के 6,176 यूनिट्स से 2025 में 15,315 पर पहुंचकर कुल सेगमेंट को 148 फीसदी की ग्रोथ मिली। टाटा पैसेंजर इलेक्ट्रिक मोबिलिटी लिमिटेड ने 3,831 से 6,216 electric cars बेचकर 62 फीसदी बढ़ोतरी की। MG मोटर इंडिया प्राइवेट लिमिटेड ने 1,020 से 3,912 पर 284 फीसदी का जंप लगाया। महिंद्रा इलेक्ट्रिक ऑटोमोबाइल लिमिटेड की ग्रोथ सबसे शानदार रही – 476 से 3,243, यानी 581 फीसदी ऊपर।

BYD इंडिया प्राइवेट लिमिटेड ने 176 से 547 electric cars बेचकर 211 फीसदी ग्रोथ हासिल की। किआ इंडिया प्राइवेट लिमिटेड ने तो कमाल कर दिया – सिर्फ 20 से 506 पर पहुंचकर 2430 फीसदी की रिकॉर्ड ग्रोथ! हुंडई मोटर इंडिया लिमिटेड ने 29 से 349, 1103 फीसदी बढ़त ली। BMW इंडिया प्राइवेट लिमिटेड ने 116 से 310 पर 167 फीसदी ग्रोथ की। मर्सिडीज-बेंज ने मामूली 86 से 97, 13 फीसदी ऊपर की। टेस्ला ने 0 से 64 पर एंट्री मारी।

PCA ऑटोमोबाइल्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को उलट 389 से 36 पर 91 फीसदी डिग्रोथ मिली। वोल्वो ऑटो इंडिया प्राइवेट लिमिटेड ने 15 से 23, 53 फीसदी ग्रोथ पाई। ऑडी AG ने 14 से 0 होकर 100 फीसदी गंवाया। पोर्श एजी जर्मनी ने 3 से 5, 67 फीसदी बढ़ाया। रोल्स रॉयस स्थिर 1 पर रही, 0 फीसदी। विनफास्ट ने 0 से 6 पर शुरुआत की। कुल मिलाकर, electric cars की सालाना बिक्री से साफ है कि बाजार तेजी से बढ़ रहा है, भले मासिक उतार-चढ़ाव हो।

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