Kartik Month : हिंदू पंचांग में कार्तिक मास को बेहद पवित्र माना जाता है। ऐसा कहा जाता है कि इस महीने में भगवान विष्णु की पूजा और नियमों का पालन करने वाला भक्त विशेष कृपा प्राप्त करता है।
अगर आप इस महीने के महत्व और त्यौहारों की सही जानकारी जानते हैं, तो यह आपके लिए बेहद लाभकारी सिद्ध हो सकता है।
कार्तिक मास में क्या करें?
कार्तिक मास में स्नान, दान और व्रत का विशेष महत्व है। इस महीने में तिल के जल से स्नान करना, धरती पर सोना और भगवान विष्णु के सामने जागरण करना अत्यंत पुण्यकारी माना जाता है।
ऐसा करने से पुरानी गलतियों और पापों का नाश होता है। विशेष रूप से, यदि कोई भक्त मोन-व्रत का पालन करता है, तो उसे भगवान विष्णु की विशेष कृपा और सहस्त्र गोदानों का फल प्राप्त होता है। यह समय आत्मशुद्धि और आध्यात्मिक उन्नति का भी है।
कार्तिक मास के मुख्य त्यौहार और महत्वपूर्ण तिथियां (2025)
- 08 अक्टूबर 2025: कार्तिक मास का प्रारंभ
- 10 अक्टूबर, शुक्रवार: करवा चौथ, वक्रतुण्ड संकष्टी चतुर्थी
- 13 अक्टूबर, सोमवार: अहोई अष्टमी, कालाष्टमी
- 17 अक्टूबर, शुक्रवार: रमा एकादशी, गोवत्स द्वादशी, सूर्य तुला संक्रांति
- 18 अक्टूबर, शनिवार: धनतेरस (धन त्रयोदशी), यम दीपदान, प्रदोष व्रत
- 19 अक्टूबर, रविवार: काली चौदस (रूप चतुर्दशी), नरक चतुर्दशी (छोटी दिवाली)
- 20 अक्टूबर, सोमवार: दीपावली (लक्ष्मी-कुबेर पूजन), नरक चतुर्दशी, कार्तिक अमावस्या
- 21 अक्टूबर, मंगलवार: स्नान-दान कार्तिक अमावस्या
- 22 अक्टूबर, बुधवार: गोवर्धन पूजा, अन्नकूट
- 23 अक्टूबर, गुरुवार: भाई दूज (यम द्वितीया), चित्रगुप्त पूजा
- 25 अक्टूबर, शनिवार: छठ पूजा (नहाय खाय), विनायक चतुर्थी
- 26 अक्टूबर, रविवार: छठ पूजा (खरना) पंचमी
- 27 अक्टूबर, सोमवार: छठ पूजा (संध्या अर्घ्य) षष्ठी
- 28 अक्टूबर, मंगलवार: छठ पूजा (उषा अर्घ्य) सप्तमी
- 30 अक्टूबर, गुरुवार: गोपाष्टमी पर्व
- 31 अक्टूबर, शुक्रवार: आंवला नवमी (अक्षय नवमी)
- 02 नवंबर, रविवार: देवउठनी एकादशी (प्रबोधिनी एकादशी)
- 03 नवंबर, सोमवार: तुलसी विवाह, सोम प्रदोष व्रत
- 05 नवंबर, बुधवार: कार्तिक पूर्णिमा (देव दिवाली), गुरु नानक जयंती
क्यों है कार्तिक मास इतना विशेष?
कार्तिक मास में व्रत और पूजा करने से न केवल भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है, बल्कि यह हमारे जीवन में सुख, समृद्धि और स्वास्थ्य को भी बढ़ाता है। इस महीने में किये गए दान और पूजा के कार्य विशेष फलदायक माने जाते हैं।
कार्तिक मास में खास बातें
भगवान विष्णु को प्रसन्न करने के लिए हर मंगलवार और शनिवार का विशेष महत्व।
दीपक जलाना, तुलसी के पौधे की पूजा और दान करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा आती है।
छठ पूजा और तुलसी विवाह जैसे पर्व में सामूहिक श्रद्धा का महत्व अधिक।
इस कार्तिक मास में आप अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए इन नियमों का पालन कर सकते हैं। सही समय पर व्रत और पूजा करने से न केवल घर में सुख और समृद्धि आती है, बल्कि आत्मिक शांति भी प्राप्त होती है।









