Dehradun Crime : देहरादून की कालसी पुलिस ने अवैध नशे के सौदागरों के खिलाफ बड़ा धावा बोल दिया। दो संदिग्धों को चरस की तस्करी करते पकड़ा गया, जिनके पास से करीब डेढ़ लाख रुपये कीमत की 740 ग्राम चरस बरामद हुई। दोनों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज कर लिया गया है।
घटना में इस्तेमाल हुई मोटरसाइकिल भी जब्त कर ली गई। ये कार्रवाई उत्तराखंड के मुख्यमंत्री के ‘ड्रग्स फ्री देवभूमि 2025’ विजन को साकार करने की दिशा में एक और कदम है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून ने सभी थानों को सख्त निर्देश दिए थे कि इलाके में नशे की तस्करी या बिक्री करने वालों को चिन्हित कर सख्त कार्रवाई करें। इन आदेशों पर अमल करते हुए पूरे जिले में पुलिस टीमें लगातार चेकिंग चला रही हैं। इसी सिलसिले में 12 अक्टूबर 2025 को थाना कालसी की टीम ने दधौ पंजिया तिराहा, चकराता रोड पर नाकेबंदी की।
मुखबिर की टिप पर एक संदिग्ध बाइक नंबर UA-07-T-1366 को रोका गया। तलाशी में बाइक सवार दो युवकों के पास से 740 ग्राम चरस मिली। दोनों को तुरंत गिरफ्तार कर लिया गया।
पकड़े गए नशेड़ी कौन हैं?
पूछताछ में दोनों ने कबूल किया कि वे नेपाल के रहने वाले हैं और त्यूणी इलाके में मजदूरी करते हैं। किसी लोकल नशेड़ी ने उन्हें उकसाया कि देहरादून में चरस की जबरदस्त डिमांड है, यहां बेचने से मोटा मुनाफा होगा। लालच में आकर दोनों ने पिछले दो महीने से चरस इकट्ठा की और बेचने की फिराक में थे। लेकिन दून पुलिस ने समय रहते उन्हें दबोच लिया।
पकड़े गए पहले आरोपी का नाम खेमू है, बेटा भूपाल सिंह का, रहने वाला कुमक थाना जिमाली सिरलेन, नेपाल। उसका अस्थायी ठिकाना ग्राम कथियान नाइली, तहसील त्यूणी, देहरादून है। उम्र 18 साल। दूसरा आरोपी अनिल थापा, बेटा खड़क बहादुर का, ग्राम कथियान नाइली, तहसील त्यूणी, देहरादून। उम्र 21 साल। दोनों के खिलाफ धारा 8/20/60 एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई हुई।
क्या बरामद हुआ?
पुलिस को मिली चीजें देखकर साफ है कि ये बड़े प्लान के साथ आए थे। बरामद सामान में 740 ग्राम अवैध चरस शामिल है, जिसकी कीमत लगभग 1.5 लाख रुपये है। साथ ही, UA-07-T-1366 नंबर की मोटरसाइकिल भी सीज कर ली गई।
इस सफलता का श्रेय थाना कालसी की मेहनती टीम को जाता है। टीम में शामिल थे: उप निरीक्षक नीरज कठैत, कांस्टेबल नरेश पंत, कांस्टेबल संजय कुमार और कांस्टेबल राजेश रावत। इनकी सतर्कता से एक और नशे का जाल टूट गया। दून पुलिस का कहना है कि ऐसे अभियान जारी रहेंगे, ताकि देवभूमि नशामुक्त बने।









