Dehradun News : दून मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल में रविवार की रात करीब दो बजे छात्र-छात्राओं ने जोरदार धमाल मचा दिया। तेज आवाज में गाने बजाकर पार्टी की, लेकिन जब कुछ छात्रों ने इसका विरोध किया तो बात इतनी बढ़ गई कि दोनों तरफ के छात्रों के बीच जमकर झगड़ा हो गया। पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुंचकर हालात संभाले और सुबह कोतवाली बुलाकर सबको सख्त चेतावनी दी।
ये घटना सुनकर हर कोई हैरान है कि पढ़ाई का मंदिर कैसे हो गया पार्टी स्पॉट।
जानकारी के अनुसार, दून मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल में छात्र-छात्राएं देर रात तक तेज म्यूजिक पर थिरक रहे थे। दूसरे कमरे के छात्रों ने कहा कि परीक्षा पास करने के लिए पढ़ना है, गाने बंद करो। लेकिन ये बात दोनों पक्षों को चुभ गई और झगड़ा शुरू हो गया। मेडिकल कॉलेज के अधिकारियों को जैसे ही खबर लगी, उन्होंने तुरंत स्टाफ को भेजा। लेकिन विवाद न रुकने पर पुलिस को कॉल कर दिया। शहर कोतवाली की टीम ने पहुंचकर छात्रों को डांटा और शांत किया।
सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी वायरल हो रहा है, जिसमें छात्र आधी नग्न अवस्था में नाचते दिख रहे हैं। हालांकि, अमर उजाला इस वीडियो की सत्यता की पुष्टि नहीं करता। इस पूरे मामले की जांच के लिए मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य डॉ. गीता जैन ने प्रभारी चिकित्सा अधीक्षक डॉ. नंदन सिंह बिष्ट की अगुवाई में पांच सदस्यीय कमेटी बना दी है।
कोतवाली में बुलाकर छात्रों को फटकार लगाई
शहर कोतवाल प्रदीप पंत ने बताया कि झगड़े में फंसे सभी छात्रों को कोतवाली बुलाया गया और सख्त हिदायत देकर छोड़ दिया। उन्होंने साफ कहा कि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों, वरना सख्त कार्रवाई होगी। कोतवाल ने चेतावनी दी कि ऐसी बेलगाम हरकतें बिल्कुल बर्दाश्त नहीं होंगी। साथ ही, मेडिकल कॉलेज प्रबंधन को भी निर्देश दिए कि छात्रों को अनुशासन सिखाएं और ऐसा न हो कि पढ़ाई का फोकस भटके।
पांच सदस्यीय कमेटी बनेगी, बाहरी लोगों पर भी शक
घटना की गहराई से जांच के लिए पांच सदस्यीय कमेटी गठित की गई है। बताया जा रहा है कि इस दौरान हॉस्टल में कुछ बाहरी लोग भी घुस आए थे। ऐसे में सुरक्षाकर्मियों से भी सवाल-जवाब होगा। प्राचार्य डॉ. गीता जैन ने कहा, “मामले की पूरी जांच होगी और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। राजकीय दून मेडिकल कॉलेज में ऐसी बेअनुशासनिकता बर्दाश्त नहीं।”
डॉक्टर का कॉलर पकड़ने पर काली पट्टी का ऐलान
हॉस्टल में इस हंगामे के दौरान किसी ने एक डॉक्टर का कॉलर तक पकड़ लिया। अस्पताल प्रबंधन ने इसे बेहद शर्मनाक बताया और विरोध में काली पट्टी बांधने का फैसला किया। आज यानी सोमवार को सभी डॉक्टर हाथ में काली पट्टी बांधकर ओपीडी में मरीजों को देखेंगे। ये विरोध न सिर्फ घटना के खिलाफ है, बल्कि पूरे सिस्टम में अनुशासन की मांग भी कर रहा है।









