Dhanteras Puja : धनतेरस का दिन हर साल दीपावली से दो दिन पहले मनाया जाता है। यह दिन धन और समृद्धि के देवता भगवान कुबेर और मां अष्टलक्ष्मी की पूजा के लिए बेहद शुभ माना जाता है।
ऐसा विश्वास है कि इस दिन अगर व्यक्ति सही विधि से पूजा और मंत्र जाप करे, तो पूरे वर्ष घर में धन, वैभव और सौभाग्य का वास होता है।
धनतेरस का महत्व
धनतेरस का पर्व धन और आरोग्य का प्रतीक है। मान्यता है कि इसी दिन समुद्र मंथन से धन्वंतरि देवता अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे।
इसीलिए इस दिन को स्वास्थ्य और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। लोग इस दिन सोना-चांदी, बर्तन या नई वस्तुएं खरीदते हैं ताकि घर में महालक्ष्मी का आगमन हो सके।
अष्टलक्ष्मी को प्रसन्न करने वाला विशेष मंत्र
धनतेरस पर मां अष्टलक्ष्मी की पूजा करने से न केवल धन की वृद्धि होती है, बल्कि परिवार में सुख-शांति भी आती है। पूजा के समय यह विशेष मंत्र श्रद्धापूर्वक जपना अत्यंत लाभकारी माना गया है
“ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं ऐं अष्टलक्ष्म्यै नमः॥”
इस मंत्र का जाप 108 बार करने से मां लक्ष्मी की कृपा सहजता से प्राप्त होती है। ऐसा कहा जाता है कि जो भक्त इस मंत्र का स्मरण पूरे विश्वास और निष्ठा से करते हैं, उनके जीवन में कभी धन की कमी नहीं रहती।
भगवान कुबेर की पूजा का शुभ मुहूर्त
धनतेरस की संध्या के समय कुबेर देव की पूजा करना अत्यंत शुभ माना जाता है। कुबेर जी को धन का स्वामी कहा गया है। पूजा करते समय उत्तर दिशा में मुख करके दीप जलाएं और यह मंत्र बोलें —
“ॐ यक्षाय कुबेराय वैश्रवणाय धनधान्याधिपतये नमः॥”
इस मंत्र के उच्चारण से घर की आर्थिक स्थिति मजबूत होती है और धन की वृद्धि होती है।
घर में करें ये छोटे उपाय
घर के मुख्य द्वार पर गाय के गोबर से दीपक जलाएं — इससे नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है।
तिजोरी या धन रखने के स्थान पर कुबेर यंत्र स्थापित करें। मां लक्ष्मी की मूर्ति के सामने कमल का फूल और सिंदूर चढ़ाएं।
रात को दीपक में घी का दीप जलाकर लक्ष्मी जी की आरती करें।
परिवार के सभी सदस्य एक साथ पूजा में शामिल हों — इससे घर में सकारात्मकता बढ़ती है।
धनतेरस पर क्या खरीदें
इस दिन कोई भी नई वस्तु, खासकर सोना-चांदी, तांबा, स्टील के बर्तन या झाड़ू खरीदना शुभ माना जाता है। यह संकेत है कि आने वाले वर्ष में लक्ष्मी जी का प्रवेश घर में बना रहेगा।
धनतेरस पर ये गलतियां न करें
झाड़ू या कूड़ा-कचरा बाहर न फेंकें, इसे लक्ष्मी जी का अपमान माना जाता है। इस दिन उधार लेन-देन से बचें। किसी से कटु वचन न कहें यह शुभ ऊर्जा को बाधित करता है।
धनतेरस केवल खरीदारी का दिन नहीं, बल्कि आध्यात्मिक और ऊर्जात्मक रूप से समृद्धि पाने का अवसर है। अगर इस दिन श्रद्धा और विश्वास से मां अष्टलक्ष्मी और भगवान कुबेर की पूजा की जाए, तो जीवन में धन, स्वास्थ्य और सौभाग्य की वर्षा होती है।









