Monsoon Havoc : उत्तरी भारत में मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। हिमाचल प्रदेश से लेकर दिल्ली, जम्मू-कश्मीर, पंजाब और हरियाणा तक भारी बारिश और बाढ़ ने तबाही मचा रखी है।
सड़कें बंद, स्कूल-कॉलेज ठप, और व्यापार पर ब्रेक लग गया है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में और बारिश की चेतावनी दी है, जिससे लोगों की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। आइए, जानते हैं इस प्राकृतिक आपदा का पूरा हाल।
हिमाचल में बाढ़ और भूस्खलन का तांडव
हिमाचल प्रदेश मॉनसून की शुरुआत से ही प्राकृतिक आपदा की चपेट में है। भारी बारिश ने राज्य को बुरी तरह प्रभावित किया है। हिमाचल के राज्य आपात परिचालन केंद्र के मुताबिक, राज्य में 1,292 सड़कें बंद हो चुकी हैं। सबसे ज्यादा असर मंडी (294 सड़कें), कुल्लू (226), शिमला (216), चंबा (204) और सिरमौर (91) जिलों में देखने को मिला है।
बारिश और भूस्खलन की घटनाओं में अब तक 343 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 43 लोग अभी भी लापता हैं। मौसम विभाग ने शुक्रवार और शनिवार को मेघगर्जन और बिजली के साथ बारिश की आशंका जताई है और येलो अलर्ट जारी किया है।
दिल्ली में यमुना का बढ़ता जलस्तर, अलर्ट जारी
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली भी बारिश के कहर से अछूती नहीं है। यमुना नदी का जलस्तर बढ़ने से कई इलाकों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। गुरुवार को दिल्ली के कुछ हिस्सों में बारिश हुई और मौसम विभाग ने शुक्रवार को भी बादल छाए रहने और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है। पूर्व, दक्षिण, मध्य, नई दिल्ली, उत्तर, दक्षिण-पश्चिम और पश्चिमी दिल्ली में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है।
येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए लोगों से सावधानी बरतने की अपील की गई है। गुरुवार को सफदरजंग मौसम केंद्र ने 2 मिमी, रिज ने 5 मिमी और लोधी रोड ने 2.4 मिमी बारिश दर्ज की। आज का अधिकतम तापमान 33 डिग्री और न्यूनतम 23 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है।
पंजाब में दशकों की सबसे भीषण बाढ़
पंजाब इस समय दशकों की सबसे भयानक बाढ़ से जूझ रहा है। हिमाचल और जम्मू-कश्मीर के जलग्रहण क्षेत्रों में भारी बारिश के कारण सतलुज, ब्यास और रावी नदियां उफान पर हैं। मौसमी नालों के बहाव ने भी तबाही मचाई है। अधिकारियों के अनुसार, इस बाढ़ में अब तक 37 लोगों की मौत हो चुकी है और 3.55 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं।
1.75 लाख हेक्टेयर से अधिक की कृषि भूमि पर फसलें तबाह हो गई हैं। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुरुवार को अमृतसर और गुरदासपुर के बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया और लोगों से मुलाकात की। पंजाब सरकार ने बिगड़ते हालात को देखते हुए सभी शैक्षणिक संस्थानों की छुट्टियां 7 सितंबर तक बढ़ा दी हैं।
देशभर में मॉनसून की मार
भारतीय मौसम विभाग के अनुसार, मॉनसून ट्रफ अपनी सामान्य स्थिति से दक्षिण में है और छत्तीसगढ़-मध्य प्रदेश में कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। गुजरात, सौराष्ट्र, गोवा और महाराष्ट्र में 8 सितंबर तक भारी से अति भारी बारिश की संभावना है। वहीं, उत्तराखंड, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में 10 सितंबर तक भारी बारिश और गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।
मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा और अंडमान-निकोबार में भी 10 सितंबर तक भारी बारिश की चेतावनी है। मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने की सलाह दी है।









