Uttarakhand Kranti Dal : नैनीताल जिले के रामनगर में उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) की 22वें द्विवार्षिक महाधिवेशन की बैठक ने ऐसा रूप ले लिया कि कोई सोच भी नहीं सकता था। यहां पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच केंद्रीय अध्यक्ष पद को लेकर जमकर तीखी बहस छिड़ गई।
बात इतनी बढ़ी कि माहौल गरम हो गया और पत्रकारों के साथ यूकेडी कार्यकर्ताओं ने खुलेआम अभद्रता की। फोन और माइक छीन लिए गए, रिकॉर्ड वीडियो डिलीट कर दी गईं। पूरा घटनाक्रम देखकर सन्नाटा छा गया, फिर हंगामा मच गया।
महाधिवेशन में क्या-क्या बवाल हुआ?
रामनगर के पिरूमदारा क्षेत्र के बसई में बुधवार को यूकेडी का 22वां द्विवार्षिक महाधिवेशन हो रहा था। सबकी नजरें केंद्रीय अध्यक्ष के चयन पर टिकी थीं, लेकिन अचानक पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच बहस ने जोर पकड़ लिया। बताया जा रहा है कि मंच पर भी कई कार्यकर्ता चढ़ गए और चीखने-चिल्लाने का दौर शुरू हो गया।
माहौल इतना तनावपूर्ण हो गया कि कोई कुछ बोल ही न पाया। इसी बीच, कार्यक्रम की कवरेज कर रहे एक पत्रकार ने कार्यकर्ताओं की इस तीखी नोकझोंक का वीडियो बना लिया।
पत्रकार पर हमला
जैसे ही यूकेडी के कुछ कार्यकर्ताओं को पता चला कि उनकी बहस कैमरे में कैद हो रही है, वे भड़क उठे। पत्रकार का आरोप है कि वे फौरन उसके पास पहुंचे और अभद्रता शुरू कर दी। कथित तौर पर कार्यकर्ताओं ने पत्रकार को जबरदस्ती एक कमरे में घसीट लिया।
वहां उनका फोन और माइक छीन लिया गया। रिकॉर्ड की गई पूरी वीडियो डिलीट कर दी गई। पत्रकार ने बताया कि उन्हें जमकर डराया-धमकाया गया और कवरेज बंद करने के लिए मजबूर कर दिया गया। यह सब देखकर हर कोई स्तब्ध रह गया।
सोशल मीडिया एक्टिविस्ट की पुष्टि
मौके पर मौजूद स्थानीय सोशल मीडिया एक्टिविस्ट मयंक मैनाली ने भी इस पूरी घटना की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि जब उन्होंने पत्रकार को बचाने की कोशिश की, तो यूकेडी कार्यकर्ताओं ने उनके साथ भी बुरा बर्ताव किया।
मयंक ने कहा, “पत्रकार को बचाते हुए मेरा कॉलर पकड़ लिया गया। शर्ट के बटन तक टूट गए। किसी तरह हमने खुद को छुड़ाया।” यह सुनकर साफ हो जाता है कि माहौल कितना खराब था।
मीडियाकर्मियों में गुस्सा
घटना के बाद मीडियाकर्मियों में जबरदस्त रोष फैल गया। स्थानीय पत्रकारों ने साफ कह दिया कि अगर आरोपियों पर तुरंत कार्रवाई नहीं हुई, तो वे धरने पर बैठने को मजबूर हो जाएंगे। यह मुद्दा अब सिर्फ यूकेडी का नहीं रह गया, बल्कि प्रेस की आजादी से जुड़ गया है। हर तरफ यही चर्चा हो रही है कि आखिर ऐसे हंगामों से पार्टी को क्या हासिल?
पुलिस ने की जांच शुरू
इधर, इस मामले में रामनगर कोतवाली के एसएसआई मोहम्मद यूनुस ने बताया कि पत्रकार ने लिखित तहरीर दे दी है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। उन्होंने कहा, “जांच के बाद जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।” अब सबकी नजरें पुलिस की इस कार्रवाई पर टिकी हैं कि क्या न्याय मिलेगा या यह सिर्फ कागजी बातें साबित होंगी।









