Paytm : पेटीएम की पेरेंट कंपनी वन 97 कम्युनिकेशंस लिमिटेड ने एक ऐसा बड़ा रणनीतिक कदम उठाया है, जो कंपनी के कामकाज को पूरी तरह हिला देगा। कंपनी ने भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के सख्त दिशा-निर्देशों का पालन करने के लिए अपने ऑफलाइन मर्चेंट पेमेंट्स बिजनेस को अपनी ही पूरी तरह स्वामित्व वाली सब्सिडियरी, पेटीएम पेमेंट्स सर्विसेज लिमिटेड (PPSL) को ट्रांसफर करने की मंजूरी दे दी है। ये फैसला पेमेंट बिजनेस को ज्यादा साफ-सुथरा और रेगुलेटरी नियमों के हिसाब से ढालने के लिए लिया गया है, ताकि सब कुछ आसानी से चल सके।
कंपनी ने स्टॉक एक्सचेंज को फाइलिंग में ये खबर शेयर की कि ट्रांसफर का मेन मकसद ग्रुप के ऑनलाइन और ऑफलाइन मर्चेंट पेमेंट्स बिजनेस को एक ही छतरी के नीचे, यानी PPSL में लाना है। बता दें कि PPSL को पहले ही RBI से Payment Aggregator (ऑनलाइन) के तौर पर काम करने की सैद्धांतिक मंजूरी मिल चुकी है। इससे कंपनी का payment aggregator बिजनेस और मजबूत होगा।
क्यों लिया गया ये धांसू फैसला?
ये सारा फेरबदल RBI के 15 सितंबर, 2025 को जारी किए गए Payment Aggregators के रेगुलेशन से जुड़े Master Directions (RBI Master Directions) का सख्ती से पालन करने के लिए हो रहा है। पेटीएम के ऑफलाइन मर्चेंट पेमेंट्स बिजनेस में वो सभी दुकानदार और व्यापारी शामिल हैं, जो कंपनी के QR कोड, साउंडबॉक्स और EDC मशीनों से पेमेंट लेते हैं।
ये बिजनेस ट्रांसफर एक slump sale के जरिए होगा, मतलब पूरा बिजनेस एक झटके में शिफ्ट हो जाएगा। हालांकि, शेयरधारकों और PPSL के बोर्ड से आखिरी हरी झंडी अभी बाकी है। कंपनी ने साफ कहा है कि चूंकि ये ट्रांसफर होल्डिंग कंपनी से उसकी 100% वाली सब्सिडियरी को हो रहा है, तो consolidated वित्तीय नतीजों पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा। RBI Master Directions के तहत ये कदम payment aggregator नियमों को फॉलो करने में मदद करेगा।
Paytm की तिजोरी पर जरा भी असर नहीं
अगर आंकड़ों की बात करें तो वित्तीय वर्ष 2024-25 में पेटीएम के ऑफलाइन मर्चेंट पेमेंट्स बिजनेस ने करीब 2,580 करोड़ रुपये का राजस्व कमाया था, जो कंपनी के स्टैंडअलोन टोटल राजस्व का लगभग 47 प्रतिशत था। 31 मार्च, 2025 तक इस बिजनेस की नेट वर्थ करीब 960 करोड़ रुपये थी, जो कुल स्टैंडअलोन नेट वर्थ का 7.45 प्रतिशत बैठती है। कंपनी को भरोसा है कि सारी जरूरी मंजूरियां मिलते ही ये ट्रांसफर 31 दिसंबर, 2025 तक या उसके पहले पूरा हो जाएगा। ये सौदा एक बिजनेस ट्रांसफर एग्रीमेंट के तहत होगा और किसी स्कीम ऑफ अरेंजमेंट का हिस्सा नहीं बनेगा। slump sale तरीके से होने से payment aggregator स्ट्रक्चर में कोई उलझन नहीं आएगी।
कंपनी के पूरे ढांचे में मचा बड़ा हलचल
पेमेंट बिजनेस को एक करने के अलावा वन 97 कम्युनिकेशंस ने अपने कॉर्पोरेट सेटअप को आसान बनाने के लिए एक बड़ा आंतरिक रीस्ट्रक्चरिंग प्लान भी पास किया है। इस प्लान का लक्ष्य कंपनी की कई फाइनेंशियल और टेक वाली सब्सिडियरीज को डायरेक्ट अपने कंट्रोल में लाना है। बोर्ड ने इसे ग्रुप स्ट्रक्चर को सिंपल बनाने और ट्रांसपेरेंसी व एफिशिएंसी बढ़ाने का अहम स्टेप बताया है।
इसके तहत कंपनी पेटीएम फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड में फाउंडर विजय शेखर शर्मा और उनकी कंपनी VSS इन्वेस्टको प्राइवेट लिमिटेड से करीब 51.22% इक्विटी खरीदेगी। फिर पेटीएम फाइनेंशियल सर्विसेज वन 97 की फुली ओन्ड सब्सिडियरी बन जाएगी। इसके साथ ही एडमायरेबल सॉफ्टवेयर, मोबिक्वेस्ट मोबाइल टेक्नोलॉजीज, ऊर्जा मनी और फिनकलेक्ट सर्विसेज जैसी कंपनियों की होल्डिंग को भी डायरेक्ट लाया जाएगा।
साथ ही पेटीएम इमर्जिंग टेक लिमिटेड, पेटीएम इंश्योरटेक और पेटीएम लाइफ इंश्योरेंस में बाकी हिस्सेदारी भी विजय शेखर शर्मा से खरीदी जाएगी, जिससे ये सब फुली ओन्ड बनेंगी। कंपनी ने कन्फर्म किया कि सारे डील्स फेयर मार्केट वैल्यू पर होंगी और 31 जनवरी, 2026 तक खत्म हो जाएंगी।









