Aaj Ka Panchang 19 October 2025 : 19 अक्टूबर 2025 को रविवार है, और यह कार्तिक कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी का दिन। धनतेरस की धूम अभी थमी भी नहीं है, और कल ही नरक चतुर्दशी या काली चौदस मनाई जाएगी। उज्जैन के मानक पंचांग के अनुसार, यह दिन सरस्वती सिद्धि योग और अमृत सिद्धि योग से सजा है, जो कई कामों के लिए शुभ माने जाते हैं।
लेकिन याद रखें, पंचांग सिर्फ समय की जानकारी देता है, बाकी सब आपकी मेहनत पर निर्भर। आइए, आज के पंचांग की पूरी डिटेल देखें, ताकि आप अपना दिन बेहतर प्लान कर सकें।
मुख्य पंचांग तत्व
आज की तिथि कृष्ण पक्ष चतुर्दशी है, जो दोपहर 1:51 बजे से शुरू होकर अगले दिन सुबह तक चलेगी। इससे पहले दोपहर 1:51 बजे तक त्रयोदशी रही। नक्षत्र की बात करें तो उत्तर फाल्गुनी शाम 5:49 बजे तक रहेगा, उसके बाद हस्त नक्षत्र शुरू हो जाएगा। योग में इंद्र योग पूरे दिन प्रभावी रहेगा, जो अगले दिन दोपहर तक जारी रहेगा।
करण वणिज दोपहर 1:52 बजे तक, उसके बाद विष्टि अगले दिन सुबह तक। ये तत्व हिंदू कैलेंडर के आधार पर तय होते हैं, और इन्हें जानना पूजा-पाठ या छोटे-मोटे फैसलों में मदद करता है। वैसे, रविवार होने से कई लोग परिवार के साथ रिलैक्स करने का प्लान बनाते हैं, लेकिन अगर कोई धार्मिक काम है तो समय का ध्यान रखें।
सूर्योदय से चंद्रोदय तक
सूर्योदय सुबह 6:29 बजे होगा, और सूर्यास्त शाम 5:54 बजे। चंद्रोदय आज सुबह 4:25 बजे हो चुका है, जबकि चंद्रास्त शाम 4:40 बजे। दिन की लंबाई करीब 11 घंटे 25 मिनट की है, तो सुबह जल्दी उठकर वॉक पर निकलना अच्छा रहेगा। मध्याह्न या दोपहर का समय 12:11 बजे से 1:37 बजे तक है, जब सूर्य ठीक ऊपर होता है। ये समय न सिर्फ पूजा के लिए, बल्कि रोजमर्रा के कामों जैसे मीटिंग या पढ़ाई के लिए भी उपयोगी हो सकते हैं।
शुभ मुहूर्त
आज सरस्वती सिद्धि योग शाम 5:49 बजे तक चलेगा, जो शिक्षा या रचनात्मक कामों के लिए बेहतर माना जाता है। उसके बाद अमृत सिद्धि योग शुरू हो जाएगा। अभिजीत मुहूर्त दोपहर 11:48 बजे से 12:34 बजे तक है – यह छोटा सा समय कई शुभ कार्यों के लिए आदर्श। ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4:53 से 5:41 बजे तक, जब मन शांत रहता है।
अमृत काल सुबह 9:57 से 11:42 बजे तक। अगर आप कोई नया काम शुरू करने की सोच रहे हैं, तो ये अंतराल नोट कर लें। चोघड़िया के अनुसार, दिन में लाभ और अमृत समय सुबह 9:20 से दोपहर 12:11 बजे तक शुभ हैं। रात में शुभ और अमृत काल शाम 5:54 से रात 9:03 बजे तक।
अशुभ काल
हर सिक्के के दो पहलू होते हैं, वैसे ही पंचांग में अशुभ काल भी बताए जाते हैं। राहु काल शाम 4:28 से 5:54 बजे तक, यमगंड दोपहर 12:11 से 1:37 बजे, और गुलिक काल दोपहर 3:02 से 4:28 बजे। दुर्मुहूर्त शाम 4:22 से 5:08 बजे तक। वर्ज्यम काल सुबह 3:04 से 4:50 बजे। इन समयों में बड़े फैसले टालना ही बेहतर।
त्योहार और व्रत
आज काली चौदस या नरक चतुर्दशी का पालन होगा, जब लोग यमराज की पूजा करते हैं और नर्क से मुक्ति की कामना। साथ ही मासिक शिवरात्रि भी है, तो शिव भक्त शाम को जल्दी पूजा कर लें। दीपावली की तैयारियां जोरों पर होंगी, तो बाजारों में भीड़ रहेगी। लेकिन ट्रैफिक और भीड़ से बचते हुए, घर पर ही सादगी से मनाएं।









