EPFO : हाल ही में कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने ऐसे कई फैसले लागू किए हैं, जिससे EPFO खाताधारकों की तो मौज आ गई है। अब कर्मचारी साल में 6 बार तक अपने PF अकाउंट से पैसा निकाल सकेंगे, और इसके लिए उन्हें कोई कारण बताने की जरूरत नहीं होगी। इसे लागू करने के बाद PF अकाउंट में जमा रकम का इस्तेमाल पहले से कहीं आसान हो जाएगा। हालांकि इसमें एक शर्त भी रखी गई है ताकि रिटायरमेंट फंड पूरी तरह खत्म न हो।
आपको बता दें कि PF खाताधारकों के लिए ऐसे जरूरी अपडेट कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) करता रहता है, जो समय के साथ बदलना जरूरी होते हैं। वही, खबरों में बताया जा रहा है कि हाल ही में संपन्न हुई EPFO की अहम बैठक में कई फैसले लिए गए हैं। इनमें PF निकासी के नए नियमों पर खास फोकस रहा, जो लाखों सैलरी वालों की जिंदगी आसान बनाने वाले हैं।
क्या है नया PF Withdrawal नियम?
EPFO अपने नियमों में बड़ा बदलाव करने जा रहा है। नए प्रस्ताव में यह प्रावधान होगा कि कर्मचारी साल में 6 बार तक PF निकाल सकेंगे बिना कोई कारण बताए। इससे कर्मचारियों को आपात स्थिति में तुरंत फंड मिलेगा और उन्हें अपने ही पैसों के लिए लंबी प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ेगा। PF withdrawal के इस नए तरीके से EPFO खाताधारक ज्यादा फ्लेक्सिबल महसूस करेंगे।
लेकिन, एक शर्त यह भी है कि कोई भी कर्मचारी अपने PF अकाउंट के कुल बैलेंस का 50% से ज्यादा नहीं निकाल सकेगा। यह लिमिट इसलिए रखी गई है ताकि रिटायरमेंट के लिए फंड सुरक्षित रहे और कर्मचारी भविष्य में आर्थिक रूप से मजबूत रहें। EPFO के इस कदम से PF withdrawal आसान तो होगा, लेकिन सेफ्टी भी बरकरार रहेगी।
अभी तक क्या थे PF निकालने के पुराने नियम?
वर्तमान में, EPFO के तहत PF निकासी के लिए कुछ कड़े नियम हैं। शादी या बच्चों की पढ़ाई के लिए PF बैलेंस का 50% निकाला जा सकता है, लेकिन इसके लिए कम से कम 7 साल की सदस्यता जरूरी है। इसी तरह, घर खरीदने या बनाने के लिए PF और EPS से पैसा निकालने की अनुमति होती है, लेकिन इसके लिए 5 साल की नौकरी पूरी होना जरूरी है।
मेडिकल इमरजेंसी में जरूरत के अनुसार पैसा निकाला जा सकता है, इसमें कोई लिमिट नहीं होती। अगर कोई व्यक्ति बेरोजगार हो जाता है, तो वह PF का 75% तक निकाल सकता है, बशर्ते एक महीने से बेरोजगार हो। इन नियमों की वजह से कई बार लोग जरूरत पड़ने पर भी पैसा नहीं निकाल पाते थे या उन्हें लंबी कागजी प्रक्रिया से गुजरना पड़ता था। नए PF withdrawal नियमों से ये दिक्कतें काफी हद तक खत्म हो सकती हैं।
इस बदलाव से क्या होगा फायदा?
अगर यह प्रस्ताव लागू होता है, तो कर्मचारियों को अपने पैसों पर ज्यादा नियंत्रण मिलेगा। अब उन्हें किसी कारण का प्रमाण या दस्तावेज देने की जरूरत नहीं होगी। इमरजेंसी में पैसे की जरूरत होने पर वे तुरंत PF withdrawal कर सकेंगे। साथ ही, 50% लिमिट होने से यह भी सुनिश्चित रहेगा कि उनका रिटायरमेंट फंड खत्म न हो।
यह बदलाव खास तौर पर मिडिल क्लास और सैलरीड लोगों के लिए राहत की खबर साबित होगा, जो EPFO में हर महीने अपनी सैलरी का हिस्सा जमा करते हैं। PF अकाउंट को ऐसे ही मजबूत रखने से EPFO का भरोसा और बढ़ेगा।
EPFO सिस्टम में आने वाले अन्य बदलाव
ई-नॉमिनेशन को अनिवार्य किया जा सकता है ताकि क्लेम के समय परिवार को दिक्कत न हो। ‘पासबुक लाइट’ फीचर से PF बैलेंस देखना और ट्रांजेक्शन ट्रैक करना और आसान होगा। फास्ट ट्रैक सेटलमेंट सिस्टम लाने की तैयारी है, जिससे क्लेम सेटलमेंट का समय कम किया जा सके। इन सभी बदलावों का मकसद EPFO को और डिजिटल, पारदर्शी और यूजर-फ्रेंडली बनाना है। PF withdrawal के अलावा ये अपडेट EPFO को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे।









