Ankita Bhandari Case : अंकिता भंडारी हत्याकांड के तीन साल बाद भी न्याय न मिलने पर कांग्रेस ने मुख्यमंत्री आवास कूच किया। इस दौरान गणेश गोदियाल ने भाजपा प्रभारी दुष्यंत गौतम का नाम ‘वीआईपी’ के रूप में लेते हुए सरकार पर सीबीआई जांच से बचने का आरोप लगाया।
Ankita Bhandari Case : अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय की मांग को लेकर देहरादून में आयोजित सर्वदलीय मुख्यमंत्री आवास कूच के दौरान कांग्रेस ने अपने तेवर और तीखे कर लिए हैं।
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प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने इस प्रदर्शन का समर्थन करते हुए सीधा आरोप लगाया है कि भाजपा शासन में महिलाओं का शोषण बढ़ा है। उन्होंने दावा किया कि महिला अपराध के मामलों में उत्तराखंड आज सभी हिमालयी राज्यों में पहले स्थान पर खड़ा है।
‘वीआईपी’ के नाम पर सीधा हमला
प्रदर्शन के दौरान गणेश गोदियाल ने एक बड़ा और गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड के तीन साल बीत जाने के बाद भी न्याय अधूरा है।
गोदियाल ने सीधे तौर पर भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री और उत्तराखंड प्रभारी दुष्यंत गौतम का नाम लेते हुए कहा कि ‘वीआईपी’ के रूप में उनकी भूमिका सामने आई है, जिससे सरकार सकपका गई है। उनका कहना है कि यही कारण है कि सरकार सीबीआई जांच से बच रही है और पुलिस के जरिए बेतुके तर्क दे रही है।
सरकार की मंशा पर सवाल
गोदियाल ने राज्य सरकार के रवैये को शर्मनाक बताया। उन्होंने कहा कि सत्ताधारी दल के नेताओं की नजर में मातृशक्ति की अस्मिता की कीमत महज 20-25 हजार रुपये है।
सरकार खुद सीबीआई जांच कराने के बजाय जनता से ही सबूत मांग रही है, जो कि बेहद हास्यास्पद है। कांग्रेस ने साफ किया कि अंकिता समेत राज्य की सभी पीड़ित बेटियों को न्याय मिलने और असली अपराधियों के सलाखों के पीछे जाने तक यह आंदोलन नहीं रुकेगा।
प्रदर्शन में दिग्गज नेताओं की मौजूदगी
मुख्यमंत्री आवास घेराव कार्यक्रम में कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। इसमें पूर्व मंत्री हीरा सिंह बिष्ट, पूर्व मंत्री शूरवीर सिंह सजवाण, निवर्तमान मीडिया चेयरमैन राजीव महर्षि और महिला अध्यक्ष ज्योति रौतेला शामिल रहे।
इसके अलावा महामंत्री राजेन्द्र भंडारी, राजेन्द्र शाह, डॉ. प्रतिमा सिंह, शिवानी थपलियाल मिश्रा, महानगर अध्यक्ष डॉ. जसविन्दर सिंह गोगी, कर्नल राम रतन नेगी और लालचंद शर्मा समेत सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद की।
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