रुद्रपुर में अंकिता भंडारी हत्याकांड की सीबीआई जांच की मांग को लेकर कांग्रेस ने उग्र प्रदर्शन किया। विधायक तिलकराज बेहड़ के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने पुलिस बैरिकेडिंग तोड़कर कलेक्ट्रेट में प्रवेश किया और धरने पर बैठ गए।
शनिवार को अंकिता भंडारी हत्याकांड की सीबीआई जांच की मांग को लेकर रुद्रपुर में माहौल तनावपूर्ण हो गया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने किच्छा विधायक तिलकराज बेहड़ के नेतृत्व में उग्र प्रदर्शन किया।
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इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच जमकर धक्का-मुक्की हुई और सुरक्षा के तमाम इंतजाम नाकाफी साबित हुए।
कलेक्ट्रेट का गेट खोलकर भीतर घुसी भीड़
प्रदर्शन की शुरुआत शनिवार सुबह करीब 11:00 बजे नैनीताल रोड स्थित एक पेट्रोल पंप से हुई। यहां सभा करने के बाद कांग्रेसियों ने जुलूस की शक्ल में कलेक्ट्रेट की ओर कूच किया। प्रशासन ने उन्हें रोकने के लिए कलेक्ट्रेट के मुख्य गेट पर भारी पुलिस बल तैनात किया था और बैरिकेडिंग लगा दी थी।
भीड़ का दबाव इतना ज्यादा था कि पुलिस का सुरक्षा घेरा टूट गया। कार्यकर्ताओं ने बैरिकेडिंग गिरा दी और मुख्य गेट पर तैनात पुलिसकर्मियों को धकेलते हुए गेट खोल दिया। इसके बाद प्रदर्शनकारी कलेक्ट्रेट परिसर के भीतर दाखिल हो गए और वहीं जमीन पर धरने पर बैठ गए।
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पुलिस पर लाठी भांजने और अभद्रता का आरोप
प्रदर्शन के दौरान स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने भीड़ को रोकने के लिए लाठियां भी भांजी, लेकिन वे कार्यकर्ताओं के जोश के आगे बेबस नजर आए।
धरने के दौरान विधायक तिलकराज बेहड़ ने पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि पुलिस ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज किया और महिलाओं के साथ अभद्रता की। बेहड़ ने सवाल उठाया कि पुलिस अंकिता के हत्यारों और ‘वीआईपी’ को पकड़ने में नाकाम है, लेकिन न्याय की मांग करने वालों पर अत्याचार कर रही है।
जब तक ‘वीआईपी’ का नाम नहीं आएगा, आंदोलन जारी रहेगा
विधायक ने साफ कहा कि इस हत्याकांड में जिस वीआईपी का नाम सामने आ रहा है, उसके खिलाफ तत्काल कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने दोषियों को फांसी की सजा और मामले की सीबीआई जांच की अपनी पुरानी मांग को दोहराया। कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि जब तक वीआईपी का चेहरा बेनकाब नहीं होता, पूरे प्रदेश में उनका आंदोलन जारी रहेगा।
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