Asthma Care Tips : अस्थमा यानी सांस से जुड़ी एक ऐसी परेशानी, जो एक बार शुरू हो जाए तो इंसान की दिनचर्या तक प्रभावित कर देती है। कई बार मरीज दवा तो लेते हैं, पर राहत नहीं मिलती। वजह? ज़्यादातर बार इनहेलर का गलत इस्तेमाल!
दरअसल, इनहेलर में मौजूद दवा सीधा सांस के जरिए फेफड़ों तक जाती है। ये वायु नलिकाओं (विंड पाइप) में सूजन को कम करके सांस लेने में मदद करती है।
लेकिन अगर तरीका सही न हो, तो पूरी दवा फेफड़ों तक पहुंच ही नहीं पाती। आइए जानते हैं कि इनहेलर को सही तरीके से कैसे इस्तेमाल करें ताकि हर डोज़ का पूरा फायदा मिल सके।
इनहेलर का सही इस्तेमाल कैसे करें
इनहेलर को इस्तेमाल करने से पहले 10 से 15 बार अच्छे से हिलाएं। ऐसा करने से अंदर मौजूद दवा एक समान रूप से मिक्स हो जाती है।
इनहेलर को सीधा रखें और उंगलियों से हल्के दबाव में पकड़ें। बहुत लोग इसे झुकाकर या गलत एंगल से इस्तेमाल करते हैं, जिससे दवा का असर कम हो जाता है।
इनहेलर दबाने से पहले एक बार पूरी सांस बाहर छोड़ दें। फिर जैसे ही पंप करें, धीरे-धीरे सांस अंदर लें ताकि दवा फेफड़ों की गहराई तक जा सके।
दवा अंदर लेने के बाद 8–10 सेकंड तक सांस रोककर रखें। इससे दवा को फेफड़ों में अच्छे से काम करने का समय मिलता है।
अब धीरे से सांस छोड़ें और आराम से सांस लें। यही तरीका हर बार फॉलो करें।
इनहेलर के बाद कुल्ला करना क्यों ज़रूरी है?
बहुत से लोग इनहेलर लेने के बाद सीधे अपनी दिनचर्या में लौट आते हैं, लेकिन डॉक्टर सलाह देते हैं कि हर बार इनहेलर के बाद कुल्ला करना ज़रूरी है।
क्योंकि दवा के कुछ कण मुंह में रह जाते हैं, जिससे कभी-कभी छाले या मुंह में जलन जैसी समस्या हो सकती है। कुल्ला करने से ये परेशानी नहीं होती।
छोटे-छोटे ध्यान रखने योग्य पॉइंट्स
इनहेलर को हमेशा सूखी और ठंडी जगह पर रखें। नोज़ल पर धूल या गंदगी न लगने दें।
डॉक्टर द्वारा बताए गए डोज़ और समय का पालन करें।
अगर इनहेलर पुराना है या ठीक से स्प्रे नहीं कर रहा, तो तुरंत बदलें।इनहेलर कोई साधारण उपकरण नहीं, ये आपकी सांसों का साथी है।
अगर इसे सही ढंग से इस्तेमाल किया जाए, तो अस्थमा के मरीज भी आराम से सामान्य जीवन जी सकते हैं।









