Bengal TMC Leader Killed : पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं पर हमले थमने का नाम नहीं ले रहे। बीरभूम जिले में शनिवार रात एक और चौंकाने वाली घटना सामने आई, जहां तृणमूल के स्थानीय नेता बाइतुल्ला शेख (40) की बम हमले में हत्या कर दी गई। यह घटना तब हुई जब पार्टी 21 जुलाई को होने वाली अपनी शहीद दिवस रैली की तैयारियों में जुटी थी।
बीरभूम के मल्लारपुर थाना क्षेत्र के विषियाग्राम गांव में हुई इस घटना ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी है। पिछले नौ दिनों में तृणमूल नेताओं पर यह चौथा जानलेवा हमला है, जिसके बाद बंगाल की पुलिस व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं।
शनिवार रात करीब आठ बजे बाइतुल्ला शेख गांव की एक चाय की दुकान पर अपने साथी कार्यकर्ताओं के साथ बातचीत कर रहे थे। तभी कुछ अज्ञात लोग आए, दुकान को घेर लिया और एक के बाद एक तीन बम फेंके। हमले के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और हमलावर अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए।
बाइतुल्ला को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। बाइतुल्ला इलाके में काफी जाना-पहचाना चेहरा थे। वे पहले पंचायत समिति के मत्स्य कार्याध्यक्ष रह चुके थे, और उनकी पत्नी इस समय वही पद संभाल रही हैं।
पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। पूरे इलाके को घेर लिया गया है और हमलावरों की तलाश जारी है। लेकिन यह घटना अकेली नहीं है। महज पांच दिन पहले बीरभूम के साईथिया थाना क्षेत्र में तृणमूल के एक और नेता पीयूष घोष की हत्या कर दी गई थी।
लगातार हो रही इन घटनाओं ने जिले में राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है। मयूरेश्वर के तृणमूल विधायक अभिजीत रॉय ने इस हमले के लिए वामपंथी दलों के लोगों पर आरोप लगाया है। उन्होंने मांग की है कि दोषियों को जल्द पकड़ा जाए और उन्हें सख्त सजा दी जाए।
इन हत्याओं ने न सिर्फ बीरभूम बल्कि पूरे बंगाल में तनाव बढ़ा दिया है। लोग अब यह सवाल उठा रहे हैं कि आखिर पुलिस और प्रशासन इन हमलों को रोकने में क्यों नाकाम हो रहा है?








