देहरादून। राजधानी के शैक्षणिक हब प्रेमनगर में रविवार रात पुलिस की भारी नफरी ने अचानक दस्तक देकर हड़कंप मचा दिया। एसएसपी देहरादून के कड़े रुख के बाद पुलिस की अलग-अलग टीमों ने क्षेत्र के हॉस्टल और पीजी (PG) में रह रहे बाहरी छात्रों का बड़े स्तर पर सत्यापन अभियान चलाया। इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य शिक्षा की आड़ में पनप रहे नशे के कारोबार और आपराधिक गतिविधियों पर लगाम कसना है।
एसपी सिटी के नेतृत्व में चली इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने पाया कि कई पीजी और हॉस्टल संचालक बिना किसी कानूनी औपचारिकता के छात्रों को शरण दे रहे थे। पुलिस ने मौके पर पहचान पत्र और सत्यापन दस्तावेज न दिखा पाने वाले 75 छात्रों को हिरासत में लेकर थाने पहुंचाया। इन सभी से संदिग्ध गतिविधियों के इनपुट खंगालने के लिए सघन पूछताछ की जा रही है।
पुलिस ने इस दौरान 8 ऐसे प्रतिष्ठान संचालकों की पहचान की जिन्होंने अपने यहां रह रहे छात्रों का शत-प्रतिशत सत्यापन नहीं कराया था। इन सभी के विरुद्ध पुलिस एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए 80 हजार रुपये का जुर्माना वसूला गया है। एसएसपी ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी पीजी में छात्र नशा करते पाए गए, तो केवल छात्र ही नहीं बल्कि संचालक को भी जेल की हवा खानी होगी।
सड़कों पर हुड़दंग मचाने वाले रईसजादों के खिलाफ भी पुलिस का चाबुक चला है। चेकिंग के दौरान ट्रिपल राइडिंग और रैश ड्राइविंग करने वाले 52 वाहन चालकों के चालान काटे गए, जबकि गंभीर उल्लंघन पर 16 वाहनों को मौके पर ही सीज कर दिया गया। पौंधा और नंदा की चौकी क्षेत्र के होटल-ढाबों को भी रात 10 बजे के बाद शटर गिराने की सख्त हिदायत दी गई है।









