Beijing Floods : चीन की राजधानी बीजिंग में भारी बारिश ने हाहाकार मचा दिया है। बीजिंग प्रशासन ने बताया कि इस बार की मूसलाधार बारिश और बाढ़ ने अब तक 45 लोगों की जान ले ली है। इनमें से 31 लोग एक वृद्धाश्रम में रहने वाले बुजुर्ग थे। इसके अलावा 9 लोग अभी भी लापता हैं, जिनमें 4 राहत और बचाव कार्य में जुटे कर्मचारी शामिल हैं। प्रशासन ने इन आंकड़ों को बेहद दुखद और अभूतपूर्व बताया है। इस आपदा ने पूरे शहर को हिलाकर रख दिया है।
24 हजार घरों को भारी नुकसान
इस बाढ़ ने बीजिंग में 3 लाख से ज्यादा लोगों को प्रभावित किया है। घर, सड़कें, बिजली, पानी और यातायात व्यवस्था पूरी तरह से ठप हो गई है। लगभग 24,000 मकानों को नुकसान पहुंचा है, जिनमें से कई पूरी तरह से ढह गए। हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया है, जहां उन्हें अस्थायी आश्रय और मदद दी जा रही है। इस तबाही ने बीजिंग की सामान्य जिंदगी को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है।
क्यों हुई इतनी भारी बारिश?
बीजिंग उत्तर चीन का हिस्सा है, जहां आमतौर पर बारिश कम ही होती है। लेकिन जुलाई और अगस्त में जब ईस्ट एशियन मानसून सक्रिय होता है, तब अचानक तेज बारिश का खतरा बढ़ जाता है। इस बार भी मानसून की असामान्य गतिविधि ने शहर को भारी बारिश की चपेट में ला दिया। नतीजा, नदियां और नाले उफान पर आ गए और बाढ़ ने कहर बरपाया।
भौगोलिक स्थिति ने बढ़ाई परेशानी
बीजिंग की भौगोलिक संरचना ने इस आपदा को और खतरनाक बना दिया। यह इलाका पथरीली और ऊबड़-खाबड़ जमीन वाला है, जहां बारिश का पानी तेजी से नीचे की ओर बहता है। इससे फ्लैश फ्लड की स्थिति बन जाती है। मिट्टी में नमी की कमी के कारण पानी जमीन में नहीं समाता और सीधे सतह पर बहने लगता है। इस वजह से नदियों और नालों का जलस्तर अचानक बढ़ गया, जिसने शहर को और मुश्किल में डाल दिया।
राहत कार्यों में जुटा प्रशासन
बीजिंग प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग दिन-रात राहत कार्यों में जुटे हैं। सैकड़ों बचावकर्मी, पुलिस और चीन की सेना भी इस काम में लगी हुई है। लापता लोगों की तलाश के लिए ड्रोन, नावें और खोजी कुत्तों का इस्तेमाल किया जा रहा है। प्रशासन ने साफ कहा है कि उनकी पहली प्राथमिकता लोगों की जान बचाना है। इसके बाद पुनर्वास और नुकसान की भरपाई का काम शुरू होगा।
जलवायु परिवर्तन का खतरा
विशेषज्ञों का कहना है कि यह आपदा जलवायु परिवर्तन का एक बड़ा संकेत है। बढ़ता तापमान और बदलते मौसमी पैटर्न अब शहरों में भी अचानक और भारी बारिश की घटनाओं को बढ़ा रहे हैं। बीजिंग जैसे बड़े शहरों को अब अपने बुनियादी ढांचे और योजनाओं में बदलाव करना होगा, ताकि भविष्य में ऐसी आपदाओं से बचा जा सके।









