देहरादून। राजधानी की सड़कों पर रात के अंधेरे में रसूख और रफ्तार का प्रदर्शन करने वाले हुड़दंगियों के खिलाफ पुलिस ने मोर्चा खोल दिया है। एसएसपी देहरादून के निर्देश पर जिले भर में ‘ऑपरेशन नाइट वॉच’ की शुरुआत की गई है, जिसका सीधा मकसद शिक्षण संस्थानों के नाम पर शहर का माहौल खराब करने वाले युवकों पर नकेल कसना है। पिछले 48 घंटों के भीतर पुलिस ने इस अभियान के तहत ताबड़तोड़ छापेमारी और चेकिंग कर हड़कंप मचा दिया है।
एसएसपी अजय सिंह ने साफ कर दिया है कि यूनिवर्सिटी या कॉलेज में पढ़ाई के नाम पर रात में गुटबाजी या अपराध करने वाले किसी भी युवक को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस अब केवल चालान या गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि संबंधित शिक्षण संस्थान को रिपोर्ट भेजकर छात्र का निष्कासन (Restigation) भी सुनिश्चित कराएगी। यह कदम उन छात्रों के लिए बड़ी चेतावनी है जो ग्रुप बनाकर सड़कों पर स्टंट या हुड़दंग करते हैं।
अभियान के शुरुआती 2 दिनों के आंकड़े चौंकाने वाले हैं। पुलिस ने शहर से लेकर देहात तक के सभी थाना क्षेत्रों में बैरिकेडिंग कर चेकिंग की, जिसमें शराब पीकर वाहन चलाने वाले 71 व्यक्तियों को रंगे हाथों पकड़कर गिरफ्तार किया गया। इनके कब्जे से 21 चौपहिया और 50 दोपहिया वाहनों को तुरंत सीज कर दिया गया। इसके अलावा, रसूख दिखाने के लिए गाड़ियों में अवैध रूप से हूटर लगाने और शीशों पर काली फिल्म चढ़ाने वाले 12 अन्य वाहनों पर भी जब्ती की कार्रवाई की गई है।
पुलिस की टीमों ने रात के सन्नाटे में बेवजह घूम रहे 1900 से ज्यादा लोगों को रोककर उनसे कड़ी पूछताछ की। इस दौरान 2600 से अधिक वाहनों की तलाशी ली गई। जो लोग संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए या संदिग्ध नजर आए, उनमें से 156 व्यक्तियों को हिरासत में लेकर थानों में बिठाया गया। सत्यापन की प्रक्रिया के दौरान 99 लोगों के खिलाफ पुलिस एक्ट की धारा 81 के तहत कार्रवाई की गई, जिनसे 49,500 रुपये का जुर्माना वसूला गया।
यातायात नियमों की धज्जियां उड़ाने वाले 98 अन्य चालकों के विरुद्ध चालान काटकर 38,500 रुपये का अर्थदंड लगाया गया है, जबकि 21 गंभीर मामलों के चालान कोर्ट भेजे गए हैं। एसएसपी ने सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिए हैं कि चेकिंग के स्थान लगातार बदलते रहें ताकि अराजक तत्वों को पुलिस की लोकेशन का पता न चल सके। शहर के बाहरी रास्तों और बॉर्डर चेक पोस्टों पर भी पैनी नजर रखी जा रही है।









