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देहरादून में घरेलू गैस की कालाबाजारी पर बड़ा एक्शन: डोईवाला और विकासनगर में छापेमारी, कई सिलेंडर जब्त

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देहरादून, 04 अप्रैल 2026 (दून हॉराइज़न)। जनपद में घरेलू एलपीजी गैस की कालाबाजारी और व्यावसायिक ठिकानों पर इसके अवैध इस्तेमाल को रोकने के लिए जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। जिलाधिकारी सविन बंसल द्वारा गठित क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) ने आज डोईवाला और विकासनगर क्षेत्र में ताबड़तोड़ छापेमारी की। इस कार्रवाई के दौरान विभिन्न व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से 09 घरेलू गैस सिलेंडर बरामद कर उन्हें तत्काल जब्त कर लिया गया।

जिला प्रशासन की इस कार्रवाई से उन कारोबारियों में हड़कंप मच गया है जो सस्ते के चक्कर में घरेलू गैस का उपयोग कमर्शियल कार्यों के लिए कर रहे थे। जिलाधिकारी ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि गैस वितरण प्रणाली में किसी भी तरह की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रशासन का लक्ष्य गैस आपूर्ति में पारदर्शिता लाना और आम जनता को मिलने वाली होम डिलीवरी को शत-प्रतिशत सुनिश्चित करना है।

जिला पूर्ति अधिकारी के.के. अग्रवाल ने स्वयं मोर्चा संभालते हुए शहर की विभिन्न गैस एजेंसियों और पेट्रोल पंपों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने बडोवाला स्थित बालाजी रिटेल आउटलेट पेट्रोल पंप की कार्यप्रणाली को जांचा।

अधिकारियों ने हीरा गैस एजेंसी से अन्य एजेंसियों में कनेक्शन ट्रांसफर की तकनीकी प्रक्रियाओं पर भी आईओसीएल (IOCL) के अफसरों से विस्तार से चर्चा की। पूर्ति अधिकारी ने कड़े निर्देश दिए कि हर एजेंसी पर उपभोक्ताओं की डिमांड के हिसाब से पर्याप्त गैस स्टॉक रहना चाहिए।

प्रशासन द्वारा जारी किए गए हेल्पलाइन नंबर 1077 और व्हाट्सएप नंबर 7534826066 पर शिकायतों का तांता लगा रहा। कंट्रोल रूम में अब तक एलपीजी आपूर्ति से जुड़ी कुल 20 शिकायतें दर्ज की गई हैं, जिनका समाधान जिला खाद्य पूर्ति विभाग की टीम मौके पर कर रही है। आंकड़ों के मुताबिक, आज जिले में 15,987 से अधिक घरेलू उपभोक्ताओं और 874 व्यावसायिक ग्राहकों को गैस सिलेंडर की सफल डिलीवरी दी गई है।

वर्तमान में जिले के पास घरेलू गैस के 30,492 और कमर्शियल के 4,283 सिलेंडरों का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। जिलाधिकारी ने सख्त लहजे में कहा कि जो भी व्यक्ति या प्रतिष्ठान घरेलू सिलेंडर के अवैध भंडारण या व्यावसायिक उपयोग में लिप्त पाया जाएगा, उसके विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्रवाई के साथ-साथ कानूनी मुकदमा भी दर्ज किया जा सकता है।

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