Bihar Election Results : बिहार चुनाव के नतीजों पर उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने बड़ा बयान दिया है। अखिलेश ने साफ कहा कि अगर बिहार चुनाव में कोई सबसे पॉपुलर चेहरा था, तो वो तेजस्वी यादव थे। लेकिन इसके बावजूद जीत क्यों नहीं मिली? चलिए जानते हैं अखिलेश की पूरी बात।
तेजस्वी को मिली लोकप्रियता, पर वोटों में पीछे
अखिलेश यादव ने कहा कि उन्होंने बूथ लेवल की गहरी एनालिसिस तो नहीं की है, लेकिन जो रिजल्ट सामने आए हैं, उनके आधार पर यही कह सकते हैं कि तेजस्वी को सबसे ज्यादा वोट नहीं मिले। फिर भी, तेजस्वी का चेहरा सबसे ज्यादा चर्चित रहा। अखिलेश की इस बात से साफ है कि लोकप्रियता और वोटों में फर्क साफ दिखा।
महागठबंधन की पॉजिटिव सोच, एनडीए पर तीखा हमला
अखिलेश ने महागठबंधन की तारीफ करते हुए कहा कि इसमें एक पॉजिटिव अप्रोच थी। वो लोग नौकरियां देना चाहते थे, बिहार को विकसित बनाना चाहते थे। वहीं एनडीए पर हमला बोलते हुए अखिलेश ने कहा कि दूसरी तरफ के लोग डिवीजन की बात कर रहे थे, पुरानी बातें ज्यादा दोहरा रहे थे और पीछे की तरफ देख रहे थे। अखिलेश का कहना था कि जो विजन लेकर चलते हैं, वो आगे देखते हैं, जबकि डिवीजन की बात करने वाले पीछे ही रह जाते हैं।
गठबंधन का फॉर्मूला: क्षेत्रीय दल ही लीड करेंगे
अखिलेश ने महागठबंधन पर आगे टिप्पणी करते हुए कहा कि कांग्रेस हमारा साथी है। इंडिया गठबंधन या महागठबंधन इसी कॉन्सेप्ट पर बन रहे हैं कि जिस प्रदेश में जो क्षेत्रीय दल मजबूत है, उसी के नेतृत्व में बाकी दल काम करेंगे। गौरतलब है कि बिहार चुनाव में महागठबंधन को करारी हार झेलनी पड़ी है।
चुनावी नतीजे: एनडीए की बंपर जीत, महागठबंधन की करारी शिकस्त
बता दें कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एनडीए ने 202 सीटों पर कब्जा जमाया है। वहीं राहुल गांधी और तेजस्वी यादव के नेतृत्व वाला महागठबंधन महज 35 सीटों पर सिमट गया। लालू यादव के छोटे बेटे तेजस्वी यादव को राघोपुर में किसी तरह जीत मिल गई, लेकिन बड़े बेटे तेजप्रताप यादव महुआ से हार गए।
महागठबंधन में उप मुख्यमंत्री पद के दावेदार मुकेश सहनी की पार्टी वीआईपी का तो सूपड़ा साफ हो गया। उसके सभी 13 उम्मीदवार हार गए। वहीं भाकपा को भी इस बार एक भी सीट नहीं मिली।









