Bihar Exit Poll 2025 : बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजे 14 नवंबर को आने वाले हैं। लेकिन उससे पहले ज्यादातर एग्जिट पोल्स ने एनडीए की वापसी का दावा ठोंक दिया है। इन सर्वे में कहा गया है कि एनडीए को 150 से 170 सीटें मिल सकती हैं, जबकि महागठबंधन 100 से नीचे सिमट जाएगा। सिर्फ दो सर्वे ही हैं जो टक्कर की लड़ाई बता रहे हैं।
मगर एनडीए के लिए एक आंकड़ा सच में टेंशन बढ़ा रहा है। वो है बिहार में हुआ रिकॉर्ड मतदान! इस बार वोटिंग ने सबको हैरान कर दिया। 1952 के बाद पहली बार इतना ज्यादा वोट पड़ा है।
कुल 66.91 फीसदी वोटिंग हुई है, जो 2020 के 57.29% से करीब 9 फीसदी ज्यादा है। यही आंकड़ा एनडीए को चिंता में डाल रहा है। क्योंकि बिहार के चुनावी इतिहास में जब-जब वोटिंग बढ़ी है, सत्ता पलट गई है। विपक्ष तो इसे ‘परिवर्तन का वोट’ बता रहा है। पुराने डेटा देखिए तो तीन बार ऐसा हो चुका है जब 5 फीसदी से ज्यादा वोट बढ़े और सरकार बदल गई।
इतिहास गवाह है: वोट बढ़ा, सत्ता गई
1967 के चुनाव में 1962 के मुकाबले 7 फीसदी वोट ज्यादा पड़े और कांग्रेस की सरकार उखड़ गई। यहीं से बिहार में गैर-कांग्रेसी सरकारों का दौर शुरू हुआ। फिर 1980 में 1977 के 50.5% से बढ़कर 57.3% वोटिंग हुई, यानी करीब 7 फीसदी का उछाल – और सत्ता बदल गई। 1990 में भी 5.7 फीसदी का इजाफा हुआ तो कांग्रेस गई, जनता दल आई। अब इस बार 9 फीसदी का जंप देखकर सबकी धुकधुकी बढ़ी है। कहीं फिर से सत्ता न पलट जाए?
महिलाओं का वोट: एनडीए की उम्मीद की किरण?
हालांकि एनडीए को बढ़ी वोटिंग से जीत की आस इसलिए है क्योंकि महिलाओं ने जमकर वोट डाले। चुनाव आयोग के मुताबिक, कुल 66.9% वोटिंग में पुरुषों का हिस्सा सिर्फ 62.8% रहा, जबकि महिलाओं ने 71.6% वोटिंग की। नीतीश कुमार को महिलाओं का बड़ा सपोर्ट माना जाता है। ऐसे में एनडीए को लगता है कि ये ekstra वोट उनके पाले में आएंगे। लेकिन नतीजे आने तक टेंशन तो बरकरार है।









