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अंकिता केस: ‘सोशल मीडिया ट्रायल’ पर भड़की भाजपा, कांग्रेस को दी नसीहत – सबूत हैं तो कोर्ट जाएं

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अंकिता भंडारी केस में वायरल ऑडियो पर मचे घमासान के बीच भाजपा ने कांग्रेस पर ‘लाश पर राजनीति’ करने का आरोप लगाया है। पार्टी का कहना है कि सोशल मीडिया ट्रायल से न्याय नहीं, सिर्फ भ्रम फैलता है, इसलिए जांच पूरी होने तक सब्र रखें।

अंकिता भंडारी हत्याकांड में वायरल हो रहे नए ऑडियो और वीडियो ने उत्तराखंड का सियासी पारा एक बार फिर चढ़ा दिया है। इस शोर-शराबे के बीच भाजपा ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है।

पार्टी के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान ने दो टूक कहा कि विपक्ष अपुष्ट आरोपों के सहारे केवल अपनी राजनीतिक रोटियां सेंक रहा है। उनका कहना है कि जब तक पुलिस की पूछताछ में कोई ठोस तथ्य सामने नहीं आते, तब तक हवा में अनुमान लगाने के बजाय जांच में सहयोग करना ही समझदारी है।

अदालती प्रक्रिया बनाम सोशल मीडिया

चौहान ने चल रहे ‘सोशल मीडिया ट्रायल’ को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और खतरनाक बताया। उन्होंने याद दिलाया कि एसआईटी की जांच के आधार पर निचली अदालत पहले ही दोषियों को सजा सुना चुकी है और अब यह मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन है।

ऐसे संवेदनशील और गंभीर मुद्दे पर जिम्मेदारी दिखाने के बजाय, कुछ लोग बिना सिर-पैर के आरोपों के आधार पर नेताओं और पार्टी की ‘सोशल मीडिया लीचिंग’ करने में जुटे हैं। पुलिस ने वायरल ऑडियो मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया है और पूछताछ जारी है, इसलिए सभी पक्षों को सब्र रखना चाहिए।

विपक्ष की मंशा पर सवाल

भाजपा ने विपक्ष की दोहरी नीति पर भी गंभीर सवाल खड़े किए। मनवीर चौहान ने पूछा कि जिस सीबीआई पर कांग्रेस को कभी भरोसा नहीं होता, आज वे उसी की मांग किस मुंह से कर रहे हैं? उनका आरोप है कि हकीकत में विपक्ष को दिवंगत बेटी के न्याय से ज्यादा मतलब नहीं है।

वे केवल विवाद की आग भड़काकर सियासी अवसर तलाश रहे हैं। ऐसा करके वे जाने-अनजाने उस बेटी की आत्मा को बार-बार अपमानित कर रहे हैं जो अब इस दुनिया में नहीं है।

सरकार का पक्ष

कार्रवाई खुली किताब है प्रदेश की जनता गवाह है कि सीएम पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर सरकार ने शुरुआत से ही इस मामले में कठोर कार्रवाई की है। मीडिया प्रभारी ने चुनौती देते हुए कहा कि अगर विपक्ष या किसी अन्य व्यक्ति के पास कोई भी ठोस सबूत या नया तथ्य है, तो वे सीधे जांच एजेंसी या न्यायालय को सौंपें।

लेकिन जब उनके पास कुछ नहीं होता, तो वे सिर्फ शोर मचाते हैं। सरकार जनभावनाओं का सम्मान करती है, लेकिन नकारात्मक राजनीति के तहत लगाए गए झूठे आरोपों को किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किया जाएगा।

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