Breast Cancer Symptoms : स्तन कैंसर यह नाम आजकल हर किसी ने सुना होगा। लेकिन क्या आप जानते हैं कि भारत में लगभग 81% महिलाएं इस बीमारी और इसके लक्षणों से अनजान हैं?
जबकि अक्टूबर को स्तन कैंसर जागरूकता माह के रूप में मनाया जाता है, फिर भी अधिकतर महिलाएं इस गंभीर खतरे से अनभिज्ञ हैं।
स्तन कैंसर का इलाज पहले की तुलना में काफी उन्नत हो गया है, लेकिन भारत में इसके मामले घटने के बजाय बढ़ते ही जा रहे हैं।
हर साल नई रिपोर्ट्स में स्तन कैंसर के मामलों में वृद्धि देखी जाती है, चाहे पुरुष हों या महिलाएं। पुरुषों में इसकी संभावना कम है, लेकिन वे भी इससे पूरी तरह अछूते नहीं हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, भारतीय महिलाओं में स्तन कैंसर सबसे अधिक आम है, और हर 28 में से 1 महिला इससे प्रभावित हो सकती है। इसलिए यह बेहद जरूरी है कि आप इसके लक्षणों को जानें और समय रहते जरूरी कदम उठाएं।
स्तन कैंसर के प्रमुख लक्षण
गांठ या सूजन – स्तन या बगल में किसी भी गांठ को हल्के में न लें। यह गांठ आमतौर पर दर्द रहित होती है, लेकिन बढ़ने पर दर्द भी महसूस हो सकता है।
स्तन का आकार या त्वचा में बदलाव – दोनों स्तनों का हल्का अंतर सामान्य है, लेकिन असामान्य बदलाव जैसे लालिमा, खुजली, गड्ढे या डिंपल होने पर सावधान रहें।
निप्पल का बदलाव – अगर निप्पल अंदर की ओर धंस रहा है, या स्तनपान के अलावा रिसाव आ रहा है, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
निप्पल से रिसाव – रिसाव का रंग अलग-अलग हो सकता है, कभी-कभी इसमें खून भी हो सकता है, जो कैंसर का संकेत हो सकता है।
दोबारा कैंसर होने से रोकने के उपाय
यदि आपको पहले स्तन कैंसर हो चुका है, तो दोबारा होने का डर स्वाभाविक है। लेकिन आधुनिक उपचार और जीवनशैली से यह जोखिम काफी कम हो सकता है।
स्वस्थ वजन बनाए रखें और संतुलित आहार लें।
नियमित व्यायाम और योग अपनाएं, जैसे मार्जरी आसन, मत्स्यासन और डायफ्रामिक ब्रीदिंग।
तनाव नियंत्रित करें – तनाव बढ़ने पर कैंसर का खतरा भी बढ़ सकता है।
चिकित्सक द्वारा बताए गए फॉलोअप और जांच समय पर कराएं।
इन आसान लेकिन प्रभावी उपायों से आप स्तन कैंसर से न केवल जागरूक रह सकती हैं, बल्कि इसकी संभावना को भी काफी हद तक कम कर सकती हैं।









