नई दिल्ली, 29 नवंबर 2025 : सरकारी कर्मचारियों के बीच इन दिनों सबसे ज्यादा चर्चा 8वें वेतन आयोग की हो रही है। पिछले महीने ही सरकार ने इसके टर्म्स ऑफ रेफरेंस (TOR) जारी कर दिए, जिसके बाद से हर कोई यही जानना चाहता है कि सैलरी में कितनी बढ़ोतरी होगी और फिटमेंट फैक्टर कहां फिक्स होगा। यही फैक्टर तय करेगा कि नई बेसिक पे कितनी बनेगी।
फिटमेंट फैक्टर आखिर है क्या?
बहुत आसान भाषा में समझें तो फिटमेंट फैक्टर एक गुणा करने वाला नंबर होता है, जो पुरानी बेसिक सैलरी को नई सैलरी में बदल देता है। 7वें वेतन आयोग में ये 2.57 रखा गया था। मतलब पुरानी बेसिक पे को 2.57 से गुणा करके नई सैलरी तय की गई थी। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि 8वें वेतन आयोग में ये कितना होगा।
फिटमेंट फैक्टर कैसे तय होता है?
इसके लिए कई चीजों को ध्यान में रखा जाता है – महंगाई दर, रहन-सहन का खर्च, परिवार की जरूरतें, खाने-पीने, कपड़े, किराया और दूसरी आम खर्चों को शामिल किया जाता है। इसमें डॉ. वालिस आर. एकरॉयड का फॉर्मूला भी इस्तेमाल होता है, जो इन सबको जोड़कर एक औसत निकालता है।
इस बार फिटमेंट फैक्टर कितना बढ़ सकता है?
वित्तीय कंपनी एम्बिट कैपिटल की एक रिपोर्ट के मुताबिक 8वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 1.83 से 2.46 के बीच रह सकता है। अगर ऐसा हुआ तो मौजूदा 18,000 रुपये की न्यूनतम बेसिक सैलरी इस तरह बढ़ेगी:
- 1.83 फैक्टर पर: करीब 32,940 रुपये
- 2.46 फैक्टर पर: करीब 44,280 रुपये
यानी न्यूनतम सैलरी में 14% से 54% तक का इजाफा हो सकता है। हालांकि 54% की बढ़ोतरी की संभावना बहुत कम है क्योंकि इससे सरकार पर बहुत बड़ा वित्तीय बोझ पड़ेगा। ज्यादातर विशेषज्ञ मान रहे हैं कि फिटमेंट फैक्टर 1.92 से 2.57 के बीच ही रहेगा।
अलग-अलग ग्रेड पे वालों की सैलरी में क्या बदलाव आएगा?
अगर फिटमेंट फैक्टर 1.92 से 2.57 तक रहता है तो अलग-अलग लेवल के कर्मचारियों की बेसिक पे के साथ-साथ HRA, TA, NPS योगदान और CGHS में भी अच्छी-खासी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। लेवल-1 से लेकर ऊपरी लेवल तक हर किसी की सैलरी में भारी बदलाव आने की उम्मीद है।
ये फायदा कब तक मिलेगा?
न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) रंजना देसाई की अध्यक्षता वाली आठवीं वेतन आयोग कमेटी अगले डेढ़ साल यानी करीब 18 महीने में अपनी रिपोर्ट सौंप सकती है। रिपोर्ट में सैलरी, बेसिक पे, फिटमेंट फैक्टर और दूसरी सुविधाओं पर सिफारिशें होंगी। कैबिनेट की मंजूरी मिलते ही नई सैलरी, पेंशन और भत्ते लागू हो जाएंगे। इससे करीब 50 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और 65 लाख पेंशनभोगियों को सीधा फायदा होगा।









