देहरादून, 03 अप्रैल 2026 (दून हॉराइज़न)। उत्तराखंड में आगामी 19 अप्रैल से शुरू होने जा रही विश्व प्रसिद्ध चारधाम यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए एचएनबी उत्तराखंड मेडिकल यूनिवर्सिटी (Chardham Yatra 2026 Health Advisory) ने बड़ा कदम उठाया है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने देश-दुनिया से आने वाले तीर्थयात्रियों के लिए अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा तैयार स्वास्थ्य परामर्श और सावधानियों का विस्तृत डेटा सार्वजनिक कर दिया है।
यह कदम उन तीर्थयात्रियों के लिए जीवनरक्षक साबित हो सकता है जो पहली बार उच्च हिमालयी क्षेत्रों की चुनौतीपूर्ण भौगोलिक परिस्थितियों का सामना करने वाले हैं। विश्वविद्यालय ने यह सुनिश्चित किया है कि यात्रा मार्ग पर ऑक्सीजन की कमी और ठंड के कारण होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं की जानकारी श्रद्धालुओं को रवानगी से पहले ही मिल जाए।
दरअसल, 1 अप्रैल को देहरादून के लोकभवन में ‘स्वास्थ्य और सड़क सुरक्षा’ विषय पर एक उच्चस्तरीय सेमिनार आयोजित किया गया था। इस सेमिनार में चिकित्सा जगत के दिग्गजों ने जो भी महत्वपूर्ण सुझाव और सुरक्षा उपाय बताए थे, उन्हें अब विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर ‘पब्लिक डोमेन’ में डाल दिया गया है। ऑनलाइन माध्यम से जानकारी उपलब्ध होने से श्रद्धालु अब घर बैठे ही अपनी शारीरिक और मानसिक तैयारी का आकलन कर सकेंगे।
कुलपति प्रो. भानु दुग्गल ने स्पष्ट किया कि वेबसाइट पर उन तमाम बारीकियों को शामिल किया गया है जो यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की जान बचाने और उन्हें फिट रखने में सहायक होंगी। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से.नि.) द्वारा दिए गए मूल मंत्र ‘आस्था के साथ सावधानी’ को धरातल पर उतारने के लिए विश्वविद्यालय की पूरी टीम जुटी हुई है।
विशेषज्ञ पैनल की बात करें तो इसमें पद्मश्री डॉ. एस.सी. मनचंदा जैसे दिग्गज हृदय रोग विशेषज्ञ, राजकीय मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी के ऑर्थोपेडिक विभाग के अध्यक्ष डॉ. पंकज सिंह और एम्स गोरखपुर के न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. आशुतोष तिवारी के विचार शामिल हैं। इन विशेषज्ञों ने हृदय गति पर नियंत्रण, नसों की समस्या और पहाड़ों पर हड्डियों/जोड़ों के दर्द से बचाव के वैज्ञानिक तरीके साझा किए हैं।
प्रदेश के स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुबोध उनियाल ने भी इस पहल को सराहा है, क्योंकि उत्तराखंड के चारों धाम अत्यधिक ऊंचाई पर स्थित हैं जहां मौसम पल-पल बदलता है। वेबसाइट https://www.hnbumu.ac.in पर जाकर कोई भी यात्री इन सत्रों का लाभ उठा सकता है। कुलपति ने इस पूरी तैयारी के लिए रजिस्ट्रार, परीक्षा नियंत्रक और समस्त स्टाफ के योगदान की भी सराहना की है ताकि श्रद्धालुओं की यात्रा निर्बाध रूप से संपन्न हो सके।









