देहरादून, 08 अप्रैल 2026 (दून हॉराइज़न)। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपनी कोर टीम की कार्यप्रणाली पर मुहर लगाते हुए मुख्यमंत्री कार्यालय के 16 अहम सदस्यों को लंबी पारी खेलने का अवसर दिया है। शासन ने सीएम कार्यालय में तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों के कार्यकाल को एक साथ आगे बढ़ाने का औपचारिक आदेश जारी कर दिया है।
सचिवालय प्रशासन विभाग की ओर से स्पष्ट किया गया है कि अब ये सभी अधिकारी 28 फरवरी 2027 तक अपने वर्तमान पदों पर बने रहेंगे। इससे पहले इन सभी का कार्यकाल फरवरी 2026 तक ही तय किया गया था, जिसे अब एक साल के लिए विस्तार दे दिया गया है।
मुख्यमंत्री कार्यालय राज्य की सत्ता का शक्ति केंद्र है, जहां से न केवल विभागों के बीच तालमेल बैठाया जाता है, बल्कि जनसंपर्क और सरकारी योजनाओं की मॉनिटरिंग भी होती है। धामी ने इन अहम मोर्चों पर तैनात अपनी मौजूदा टीम को बरकरार रखकर प्रशासनिक निरंतरता बनाए रखने का संकेत दिया है।
इस सूची में वेतनमान लेवल-10 पर कार्यरत समन्वयकों का दबदबा है। कार्यकाल विस्तार पाने वालों में दलबीर सिंह दानू, हरीश कोठारी, राजू बिष्ट, मधुसूदन जोशी, किशोर चंद्र भट्ट और भुवन कुमार शामिल हैं। इसके अलावा अर्चना राजहंस, आलोक सत्याल, मदन मोहन सती, इंद्रजीत सिंह और हरी सिंह भंडारी भी अब 2027 तक सीएमओ में अपनी सेवाएं देंगे।
प्रशासनिक गलियारों में चर्चा है कि 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों और सरकार की योजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए धामी ने अपने अनुभवी सहयोगियों को साथ रखने का फैसला किया है। इसी क्रम में विशेष कार्याधिकारी (OSD) सत्य प्रकाश रावत के कार्यकाल को भी विस्तार दिया गया है।
सरकार की छवि और जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित करने वाले जनसंपर्क विभाग में भी कोई बदलाव नहीं किया गया है। जनसंपर्क अधिकारी राजेश सेठी को पुनः सेवा विस्तार मिला है, जो सरकार और जनता के बीच सेतु का काम करते रहे हैं।
सूची में अन्य महत्वपूर्ण नाम ओएसडी सरिता तोमर और मुख्य समन्वयक आनंद मोहन रतूड़ी के हैं। इन दोनों अधिकारियों के पास सीएमओ के भीतर महत्वपूर्ण फाइल मैनेजमेंट और समन्वय की जिम्मेदारी है। इसके अलावा अनु सेवक के रूप में कार्यरत अमन के कार्यकाल को भी शासन ने आगे बढ़ाने की स्वीकृति दी है।
जानकारों का मानना है कि यह विस्तार केवल प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं है, बल्कि मुख्यमंत्री का अपनी टीम की वफादारी और प्रदर्शन पर भरोसे का प्रतीक है। पिछले कुछ वर्षों में इन अधिकारियों ने सीएम के विभिन्न कार्यक्रमों और आपदा प्रबंधन के दौरान महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, जिसका इनाम इन्हें सेवा विस्तार के रूप में मिला है।









