पौड़ी, 05 अप्रैल 2026 (दून हॉराइज़न)। उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल में आतंक का पर्याय बने गुलदार को मुख्य वन्य जीव प्रतिपालक ने नरभक्षी घोषित कर दिया है। पोखड़ा ब्लॉक के भतकोट गांव में बीते गुरुवार को एक चार साल की मासूम बच्ची को अपना निवाला बनाने के बाद इस शिकारी जानवर ने पूरे इलाके में दहशत फैला रखी है।
ग्रामीणों के भारी आक्रोश और सुरक्षा चिंताओं को देखते हुए प्रशासन ने फिलहाल इलाके के 10 स्कूलों को सोमवार तक बंद रखने का निर्णय लिया है। स्कूल दोबारा खुलने पर बच्चों को घर से स्कूल लाने और वापस ले जाने की जिम्मेदारी वन विभाग और राजस्व विभाग की टीमों पर होगी।
ड्रोन और कैमरा ट्रैप से घेराबंदी
गढ़वाल के डीएफओ महातिम यादव के मुताबिक, नरभक्षी को ठिकाने लगाने के लिए इलाके में तीन लोहे के पिंजरे लगाए गए हैं। वन्य जीव की हर हरकत पर नजर रखने के लिए हाई-टेक कैमरा ट्रैप और ड्रोन कैमरों का सहारा लिया जा रहा है।
गुलदार को खत्म करने के लिए दो विभागीय शूटर पहले ही तैनात किए जा चुके हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि स्थिति नियंत्रण से बाहर रही, तो प्राइवेट शूटरों को भी मैदान में उतारा जाएगा। फिलहाल प्रभावित क्षेत्रों में गश्त तेज कर दी गई है और ग्रामीणों को अकेले जंगलों में न जाने की सलाह दी गई है।
राजनीतिक पारा चढ़ा, नीतियों पर सवाल
शनिवार को कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल पीड़ित परिवार से मिलने भतकोट गांव पहुंचे। गोदियाल ने पीड़ित पिता हरेंद्र सिंह और परिजनों को सांत्वना दी। उन्होंने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि वन्य जीवों के हमलों को रोकने के लिए कोई प्रभावी नीति नहीं बनाई गई है।
गोदियाल ने दावा किया कि बीते सितंबर से अब तक केवल इसी बेल्ट में गुलदार के हमले की 8 घटनाएं हो चुकी हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की विफलता के कारण पहाड़ के लोग अपने ही घरों में कैद होने को मजबूर हैं। जंगली जानवरों के बढ़ते हमलों से न केवल इंसानी जान को खतरा है, बल्कि पशुपालन पर निर्भर ग्रामीणों की आजीविका भी छिन रही है।
थलीसैंण में भालू का उत्पात
पौड़ी जिले में मुसीबत केवल गुलदार तक सीमित नहीं है। थलीसैंण ब्लॉक के दूरस्थ खंड तल्ला गांव में पिछले 20 दिनों से एक भालू ने तांडव मचा रखा है। शुक्रवार रात भालू ने पशुपालक पिंकी देवी की गोशाला का दरवाजा तोड़कर एक गाय को मार डाला और दूसरी को गंभीर रूप से घायल कर दिया।
जिला पंचायत सदस्य डॉ. शिवचरण नौडियाल और ग्राम प्रधान संदीप नेगी ने बताया कि भालू अब तक तीन मवेशियों को शिकार बना चुका है। ग्रामीण रात-रात भर जागकर पहरा दे रहे हैं, लेकिन वन विभाग की सुस्ती से लोगों में भारी नाराजगी है।









