अब इंडिया रहेगा ऑनलाइन

क्या Credit Card को UPI से लिंक करना सही है? जानें इसके फायदे और नुकसान

आरबीआई ने क्रेडिट कार्ड को भी यूपीआई से ऐड करने की सुविधा मिल रही है। यानि कि आप फिजिकल कार्ड के बिना भी क्रेडिट कार्ड का उपयोग कर सकते हैं। लेकिन सवाल ये उठता है कि क्या क्रेडिट कार्ड को यूपीआई से लिंक करना चाहिए। इसके फायदे और नुकसान के बारे में जानते हैं।

क्रेडिट कार्ड यूपीआई से लिंक करने के क्या लाभ हैं?

यूपीआई से क्रेडिट कार्ड से लिंक करने पर काफी सारे लाभ मिलते हैं। चूंकि यूपीआई हर जगह इसको स्वीकार किया जाता है, तो इसके द्वारा क्रेडिट कार्ड का भी व्यापक उपयोग कर पाएंगे। यहां तक कि सब्जी खरीदने और चाय को पीने जैसी चीजों के लिए भी है।

आपको क्रेडिट कार्ड का बिल चुकाने के लिए कम से कम 45 से 50 दिन का समय मिलता है। ये समय आपको यूपीआई के द्वारा उस पेमेंट पर भी मिलेगी, जो क्रेडिट कार्ड से लिंक है। यानि कि आपकी जेब पर फौरन कोई अतिरिक्त भार नहीं पड़ने वाला है।

आप लिंक्ड क्रेडिट कार्ड का उपयोग इंटरनेशन ट्रांजैक्शन के लिए कर सकते हैं। यानि कि आपको बिना मेहनत मशक्कत के ग्लोबल एक्सेसबिलिटी मिल जाती है। इसके साथ में करेंसी कंवर्जन भी नहीं करना पड़ता है। इसके साथ में यूपीआई को क्रेडिट कार्ड से लिंक कराने के पर काफी तरह के कैशबैक और रिवॉर्ड भी प्राप्त होते हैं।

यूपीआई से क्रेडिट कार्ड के लिंक कराने का नुकसान?

आपको बता दें इस सिस्टम के साथ में सबसे बड़ा मसला ये है कि फिलहाल केवल रूपे क्रेडिट कार्ड को यूपीआई से लिंक किया जा सकता है। यानि कि यदि आपके पास मास्टर कार्ड या वीजा कार्ड है, तो आप इस सुविधा का लाभ नहीं उठा सकते हैं।

इसके साथ में क्रेडिट कार्ड से लिंक यूपीआई के द्वारा पेमेंट पर बिजनेस करने वालों को डिस्काउंट मिलेगा। इसे ये जाहिर होता है कि बिजनेस करने वालों को नुकसान होगा। ऐसे में काफी सारे व्यापारी इस फीचर के लिए सही नहीं है।

वहीं काफी समय से चर्चा हो रही है कि क्रेडिट कार्ड फिजूलखर्ची बढ़ती है। यदि आप क्रेडिटा कार्ड को यूपीआई से लिंक करते हैं तो ये प्रवत्ति और भी बढ़ सकती है। ऐसे में आपको सभी चीजों पर गौर करके ही क्रेडिट कार्ड को यूपीआई से लिंक करने का फैसला करना चाहिए।

Leave A Reply

Your email address will not be published.