देहरादून, 01 अप्रैल (द ऑनलाइन पोस्ट)। राजधानी के राजपुर थाना क्षेत्र में बदमाशों की आपसी फायरिंग का शिकार हुए रिटायर्ड ब्रिगेडियर मुकेश जोशी बुधवार को पंचतत्व में विलीन हो गए। उनके बेटे ने मुखाग्नि देकर अंतिम संस्कार की रस्में पूरी कीं। इस गमगीन माहौल में सेना के अधिकारियों समेत भारी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे।
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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दिवंगत ब्रिगेडियर के आवास पर पहुंचकर शोक संतप्त परिजनों को ढांढस बंधाया। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस जघन्य अपराध में शामिल किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। सीएम ने राज्य में कानून व्यवस्था मजबूत करने के लिए पुलिस को ‘ऑपरेशन प्रहार’ चलाने के कड़े निर्देश दिए हैं।
प्रदेश में अराजकता फैलाने वाले तत्वों के खिलाफ अब सीधी कार्रवाई होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि आम जनता की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। शासन ने लापरवाही बरतने वाले कुठालगेट चौकी इंचार्ज और सब एक्साइज इंस्पेक्टर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत भी अंत्येष्टि में शामिल हुए। उन्होंने कानून व्यवस्था पर चिंता जताते हुए दिवंगत सैन्य अधिकारी को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस घटना ने अब राजनीतिक रंग भी ले लिया है, जहां कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने भी सोशल मीडिया के जरिए राज्य सरकार को घेरा है।
30 मार्च की सुबह जोहड़ी गांव स्थित ‘जेन जी क्लब’ में बिल को लेकर शुरू हुआ विवाद खूनी संघर्ष में तब्दील हो गया था। बिना नंबर प्लेट की स्कॉर्पियो सवार युवकों ने क्लब संचालक की कार पर अंधाधुंध गोलियां बरसाईं। इसी दौरान मॉर्निंग वॉक पर निकले 70 वर्षीय ब्रिगेडियर जोशी को एक गोली लग गई, जो उनके लिए जानलेवा साबित हुई।
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उत्तराखंड पुलिस के डीजीपी स्वयं इस मामले की निगरानी कर रहे हैं। सीसीटीवी फुटेज की मदद से पुलिस ने अब तक एक पक्ष के तीन और दूसरे पक्ष के एक आरोपी को दबोच लिया है। शहर के रिहायशी इलाकों में संचालित हो रहे नाइट क्लबों की सुरक्षा और टाइमिंग को लेकर भी अब नए सिरे से सख्ती की जा रही है।









