देहरादून। राजधानी के महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज का मैदान बुधवार को तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। मौका था उत्तरांचल प्रेस क्लब द्वारा आयोजित ‘मंजुल सिंह मांजिला स्मृति अंतर क्रिकेट टूर्नामेंट’ के भव्य उद्घाटन का। लेकिन माहौल तब और ज्यादा दिलचस्प हो गया, जब प्रोटोकॉल को किनारे रखकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी खुद बैटिंग पैड पहनकर क्रीज पर पहुंच गए।
सीएम को बल्ला थामे देख वहां मौजूद युवा खिलाड़ियों और पत्रकारों का जोश सातवें आसमान पर पहुंच गया। धामी ने न केवल कुछ गेंदों का सामना किया, बल्कि सधे हुए शॉट्स लगाकर यह साफ कर दिया कि वे खेल और अनुशासन को कितनी अहमियत देते हैं।
संबोधन के दौरान सीएम धामी ने युवाओं से सीधे संवाद किया। उन्होंने कहा कि खेल केवल शरीर बनाने का साधन नहीं है, बल्कि यह नेतृत्व क्षमता (Leadership) और संघर्ष करना सिखाता है। हैरानी की बात ये है कि धामी सरकार ने हाल ही में ‘मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना’ के तहत 8 से 14 वर्ष के बच्चों के लिए छात्रवृत्ति की घोषणा की थी, जिसका जिक्र आज के कार्यक्रम में भी हुआ।
सीएम ने साफ किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘फिट इंडिया’ और ‘खेलो इंडिया’ विजन को उत्तराखंड के दुर्गम गांवों तक ले जाना उनका सबसे बड़ा लक्ष्य है।
सीएम ने संकेत दिए कि उत्तराखंड में खेल इन्फ्रास्ट्रक्चर को लेकर अब बजट की कमी नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने जानकारी दी कि महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज जैसे संस्थानों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाओं से लैस किया जा रहा है।
एक खास फैक्ट जो आपको जानना चाहिए—उत्तराखंड की नई खेल नीति में अब खिलाड़ियों को सरकारी नौकरियों में 4% खेल कोटा (Sports Quota) फिर से बहाल करने पर तेजी से काम हो रहा है, ताकि मेडल लाने वाले युवाओं का भविष्य सुरक्षित रहे।
टूर्नामेंट के शुभारंभ पर कैबिनेट मंत्री खजान दास, विधायक उमेश शर्मा काऊ और खेल निदेशक डॉ. आशीष चौहान जैसे दिग्गज भी मैदान पर डटे थे। उत्तरांचल प्रेस क्लब के अध्यक्ष अजय सिंह राणा ने बताया कि यह टूर्नामेंट न केवल पत्रकारों के मानसिक तनाव को कम करेगा, बल्कि खेलों के प्रति समाज में एक सकारात्मक संदेश भी भेजेगा। सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी ने भी सीएम के खेल प्रेम की सराहना की।
राज्य के खेल निदेशालय ने चेतावनी दी है कि खेल कोटे या सुविधाओं के चयन में किसी भी तरह की धांधली बर्दाश्त नहीं की जाएगी। किसी भी शिकायत के लिए विभाग के हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करें।









