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सीएम धामी की मेहनत लाई रंग, ऋषिकेश बाईपास के लिए हुआ भारी-भरकम बजट मंजूर

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देहरादून। उत्तराखंड की तीर्थनगरी ऋषिकेश में घंटों लंबे जाम से जूझने वाले स्थानीय निवासियों और पर्यटकों के लिए राहत की बड़ी खबर है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सक्रिय पैरवी के बाद भारत सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने ऋषिकेश बाईपास के 4-लेन निर्माण कार्य (Rishikesh Bypass 4 Lane) को अंतिम मंजूरी दे दी है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए केंद्र ने 1105.79 करोड़ रुपये की तकनीकी और प्रशासनिक स्वीकृति जारी कर दी है।

यह नया बाईपास राष्ट्रीय राजमार्ग-7 पर तीनपानी फ्लाईओवर (किमी 529.750) से शुरू होकर खरासोटे पुल (किमी 542.420) तक बनाया जाएगा। लगभग 12.670 किलोमीटर लंबा यह मार्ग भट्टोवाला और ढालवाला जैसे महत्वपूर्ण ग्रामीण क्षेत्रों से होकर गुजरेगा। इस प्रोजेक्ट को ‘इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट एवं कंस्ट्रक्शन’ (EPC) मोड पर धरातल पर उतारा जाएगा, जिससे निर्माण की गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके।

परियोजना की लागत को लेकर मंत्रालय ने स्पष्ट रूप से संशोधित बजट जारी किया है। शुरुआत में इस बाईपास का अनुमानित खर्च 1151.18 करोड़ रुपये आंका गया था, जिसे बाद में संशोधित कर 1139.40 करोड़ रुपये किया गया। अब मंत्रालय ने 1105.79 करोड़ रुपये की राशि आवंटित की है। इस धनराशि का प्रबंध वित्तीय वर्ष 2025-26 के केंद्रीय बजट (GBS) के प्रावधानों के तहत किया जाएगा।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए इसे राज्य की कनेक्टिविटी के लिए गेम-चेंजर बताया है। धामी के अनुसार, बाईपास बनने के बाद ऋषिकेश शहर के भीतर ट्रैफिक का लोड काफी हद तक कम हो जाएगा। इससे न केवल स्थानीय लोगों को सहूलियत होगी, बल्कि बद्रीनाथ और केदारनाथ जाने वाले श्रद्धालुओं के समय की भी बचत होगी।

सरकारी निर्देशों के मुताबिक, इस प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए तीन साल की सख्त समयसीमा निर्धारित की गई है। केंद्र ने दो-टूक कहा है कि निर्माण कार्य में किसी भी तरह की देरी या अतिरिक्त लागत (Cost Overrun) को स्वीकार नहीं किया जाएगा। देहरादून स्थित क्षेत्रीय अधिकारी को इस पूरी परियोजना के लिए ड्रॉइंग एवं डिस्बर्सिंग ऑफिसर (DDO) नियुक्त किया गया है, जो ई-टेंडरिंग प्रक्रिया और फंड के इस्तेमाल की निगरानी करेंगे।

ऋषिकेश वर्तमान में मुनि की रेती और लक्ष्मण झूला क्षेत्रों में भीषण जाम की समस्या से जूझ रहा है। पीक सीजन के दौरान यहां गाड़ियां रेंगने को मजबूर होती हैं। यह नया बाईपास शहर के कोर एरिया को बाईपास करते हुए सीधा रास्ता प्रदान करेगा, जिससे चारधाम यात्रा सुगम होगी और उत्तराखंड की आर्थिकी को मजबूती मिलेगी।

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