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देहरादून प्रशासन का एक्शन: बुजुर्गों को सताने वाले बच्चों पर चलेगा मुकदमा, एसडीएम को मिली जिम्मेदारी

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देहरादून कलेक्ट्रेट में सोमवार को आयोजित जनता दरबार में 190 फरियादी पहुंचे। एडीएम के.के. मिश्रा ने विधवा सुनीता देवी की जमीन हड़पने और बुजुर्ग माताओं को बेटों द्वारा घर से निकालने जैसे गंभीर मामलों पर सख्त रुख अपनाया। प्रशासन ने मौके पर ही अधिकारियों को भरण-पोषण कानून के तहत मुकदमा दर्ज करने और विधवा महिला को जमीन का कब्जा दिलाने की त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए।

Dehradun Janta Darbar : देहरादून कलेक्ट्रेट में सोमवार को जनता दर्शन के दौरान मानवता को झकझोरने वाली तस्वीरें सामने आईं। जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देश पर अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) के.के. मिश्रा की अध्यक्षता में लगे दरबार में कुल 190 शिकायतें दर्ज की गईं।

इनमें सबसे ज्यादा पीड़ादायक मामले उन बुजुर्ग माताओं और विधवाओं के थे, जिन्हें उनके ही अपनों ने बेघर कर दिया। प्रशासन ने इन संवेदनशील मामलों में मौके पर ही अधिकारियों को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।

पति की मौत के बाद विधवा से ठगी

डोईवाला निवासी 56 वर्षीय विधवा सुनीता देवी अपनी छोटी बेटी के साथ फरियाद लेकर पहुंचीं। उन्होंने अपनी व्यथा सुनाते हुए बताया कि पति कैंसर से पीड़ित थे। उनके इलाज के लिए उन्होंने डोईवाला स्थित अपनी एक बीघा जमीन बेची थी। दुर्भाग्यवश पति की जान नहीं बच सकी।

पति की मृत्यु के बाद जमीन खरीदार ने उनकी बाकी बची पूरी जमीन पर भी अवैध कब्जा कर लिया। इस गंभीर मामले पर एडीएम ने एसडीएम और पुलिस क्षेत्राधिकारी (CO) को तत्काल जांच कर पीड़िता को उसकी भूमि पर कब्जा दिलाने के आदेश दिए।

बेटों ने निकाला घर से, अपनी ही जमीन पर नहीं मिल रही छत

दरबार में पहुंची 80 साल की बुजुर्ग कांता देवी की आंखों में आंसू थे। उन्होंने बताया कि दोनों बेटों ने उन्हें घर से निकाल दिया है। हद तो तब हो गई जब उनकी अपनी जमीन पर उन्हें झोपड़ी तक बनाने की अनुमति नहीं दी जा रही है।

इसी तरह डोईवाला की 85 वर्षीय कमला देवी और चंद्रबनी की पुष्पा देवी ने भी बेटे-बहू द्वारा मारपीट कर घर से निकालने की शिकायत दर्ज कराई। एडीएम ने इन मामलों में एसडीएम सदर को ‘वरिष्ठ नागरिक संरक्षण अधिनियम’ और भरण-पोषण अधिनियम के अंतर्गत वाद दायर कर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।

बीमारी में परिजनों ने छोड़ा साथ

एक अन्य मामले में प्राइवेट अस्पताल में पथरी का ऑपरेशन कराने वाले व्यक्ति ने बताया कि उसे इन्फेक्शन हो गया है, लेकिन अस्पताल प्रबंधन ध्यान नहीं दे रहा। इस मुश्किल घड़ी में परिवार ने भी उसका साथ छोड़ दिया है। प्रशासन ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) को निर्देश दिए कि मरीज का सरकारी अस्पताल में समुचित उपचार कराया जाए।

अतिक्रमण और जलभराव पर एक्शन

जनता दरबार में जनसमस्याओं पर भी सुनवाई हुई। डीएल रोड चौक से नालापानी और रिस्पना तक नालियों में मलबे के कारण सड़क पर गंदा पानी भरने की शिकायत पर उप नगर आयुक्त को तत्काल सफाई के निर्देश मिले। वहीं, सहस्रधारा रोड स्थित शिवाया एन्क्लेव सोसाइटी में सरकारी भूमि पर अतिक्रमण की शिकायत पर मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (MDDA) को जांच कर अतिक्रमण हटाने को कहा गया।

इसके अलावा कांवली निवासी उमा देवी को ससुराल पक्ष द्वारा संपत्ति से बेदखल करने और कोटि कनासर में आपदा से क्षतिग्रस्त स्कूल की चारदीवारी की मरम्मत जैसे मुद्दों पर भी संबंधित विभागों को कार्यवाही के निर्देश जारी किए गए।

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